पीएम मोदी 25 फरवरी से दो दिवसीय इजरायल यात्रा पर: नेसेट को संबोधित करेंगे, नेतन्याहू ने कहा- ‘ऐतिहासिक यात्रा’, मोदी ने रिप्लाई में जताई उत्सुकता
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कैबिनेट बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी की यात्रा का जिक्र किया और एक्स पर एक पोस्ट में इसे “ऐतिहासिक” करार दिया। उन्होंने लिखा:
“आज सुबह कैबिनेट बैठक की शुरुआत में मैंने अपने प्रिय मित्र, प्रधानमंत्री
की आगामी बुधवार को होने वाली ऐतिहासिक इजरायल यात्रा के बारे में बात की। इजरायल और भारत के बीच का संबंध दो वैश्विक नेताओं का एक सशक्त गठबंधन है। हम नवाचार, सुरक्षा और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण में भागीदार हैं। साथ मिलकर, हम स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध राष्ट्रों का एक गठबंधन बना रहे हैं। एआई से लेकर क्षेत्रीय सहयोग तक, हमारी साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। यरूशलम में आपसे मिलने की प्रतीक्षा रहेगी, प्रधानमंत्री मोदी! “नेतन्याहू ने पोस्ट में भारत-इजरायल संबंधों को “शक्तिशाली गठबंधन” बताया और रेडिकल ताकतों के खिलाफ “स्थिरता के लिए राष्ट्रों का एक्सिस” बनाने पर जोर दिया। उन्होंने एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे नेगेव में एयरपोर्ट और विकास परियोजनाएं) में सहयोग का भी उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने नेतन्याहू की पोस्ट पर तुरंत रिप्लाई करते हुए उत्साह जताया। उन्होंने लिखा:
“धन्यवाद, मेरे मित्र, प्रधानमंत्री नेतन्याहू। भारत और इजरायल के बीच के बंधन और हमारे द्विपक्षीय संबंधों की विविधता पर मैं आपसे पूरी तरह सहमत हूं। भारत इजरायल के साथ अटूट मित्रता को बहुत महत्व देता है, जो विश्वास, नवाचार और शांति एवं प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। अपनी आगामी इजरायल यात्रा के दौरान आपसे होने वाली चर्चाओं के लिए मैं उत्सुक हूं।
“यात्रा का महत्व
यह यात्रा भारत-इजरायल संबंधों में नया अध्याय साबित हो सकती है। दोनों देश पहले से ही डिफेंस, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर और साइबर सिक्योरिटी में मजबूत सहयोगी हैं। पीएम मोदी की नेसेट को संबोधित करने वाली स्पीच वैश्विक मंच पर दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। हालांकि, इजरायल की घरेलू राजनीति में कुछ विवाद भी उठे हैं, जहां विपक्षी नेता यैर लापिड ने सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस को आमंत्रित न करने पर नेसेट संबोधन का बहिष्कार करने की धमकी दी है।