अखिलेश यादव के चुनाव न लड़ने के ऐलान पर ओम प्रकाश राजभर का तंज, बोले- नेता क्या जो चुनाव से भागे?
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने और सीधे सांसद से मुख्यमंत्री बनने की बात कही है। उनके इस ऐलान के बाद भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।
राजभर ने अखिलेश यादव के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेता वही है, जो चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबला करे। उन्होंने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें किसी एक सीट से चुनाव लड़ना चाहिए था।
‘नेता क्या जो चुनाव से भागे?’
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा, “अरे मित्र अखिलेश यादव जी! सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे। ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइये हो जाये दो-दो हाथ।”
राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता था कि सपा प्रमुख इतना टोना-टोटका मानने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश का बिना चुनाव लड़े मुख्यमंत्री बनना किसी टोना-टोटके का परिणाम नहीं था, बल्कि उनके मुताबिक वह “रेडीमेड पार्टी के रेडीमेड शहजादा” होने के कारण मुख्यमंत्री बने थे।
सुभासपा प्रमुख ने आगे कहा कि अखिलेश को शायद यह अंदेशा हो गया है कि चुनाव लड़ने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए वह मैदान छोड़कर जा रहे हैं। ये सभी आरोप राजभर ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए।
टोना-टोटका को लेकर भी साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में टोना-टोटका का जिक्र करते हुए सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब लाल टोपी वालों की सरकार नहीं है और जनता ने कथित तौर पर टोना-टोटका मानने वाली सरकार को पहले ही सत्ता से बाहर कर दिया था।
राजभर ने कहा कि उनकी तरफ से “सारे टोना-टोटका, भूत-प्रेत, पिशाच” झाड़ दिए गए हैं और अखिलेश यादव के “सब भूत-प्रेत गायब” हो चुके हैं। उनका यह बयान सियासी तंज के तौर पर सामने आया है।
‘कम से कम किसी एक सीट से लड़ लिये होते’
राजभर ने अखिलेश यादव के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पर फिर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव अब तक केवल एक बार मुख्यमंत्री बने हैं और आगे मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे में अखिलेश को हिम्मत दिखाते हुए किसी एक सीट से चुनाव लड़ना चाहिए था।
राजभर ने कहा, “कम से कम हिम्मत दिखाते हुए किसी एक सीट से लड़ लिये होते। डर गए चुनौती पर।”
अपने बयान के अंत में उन्होंने अखिलेश यादव के लिए बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद मांगा और काशी से जुड़े प्रसंग का जिक्र करते हुए भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश के पास चौराहे पर रुककर मिठाई खाने का समय था, लेकिन कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर में शीश झुकाने का समय नहीं मिला। राजभर ने काल भैरव बाबा के दरबार का भी उल्लेख किया।
2027 के चुनाव से पहले तेज हुई बयानबाजी
अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। ओम प्रकाश राजभर के ताजा हमले ने इस बहस को और हवा दी है। राजभर ने जहां अखिलेश के फैसले को चुनौती से बचने के तौर पर पेश किया, वहीं सपा प्रमुख की ओर से चुनाव लड़ने या न लड़ने का फैसला उनके अपने राजनीतिक रुख का हिस्सा है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे बयानों के जरिए राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता दिख रहा है।
