सिनेमाघरों में ‘ओ रोमियो’ की दस्तक: शाहिद कपूर ने जीवंत किया खूंखार गैंगस्टर हुसैन उस्तरा का किरदार, जानिए कौन था मुंबई का वह बागी जिसे दाऊद भी मानता था चुनौती
मुंबई: बॉलीवुड के वर्सेटाइल अभिनेता शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ओ रोमियो’ आज, 13 फरवरी 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंडरवर्ल्ड के स्याह पन्नों को पलटती यह फिल्म रिलीज के पहले दिन ही दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसका ऐतिहासिक और वास्तविक जुड़ाव है, जिसमें शाहिद कपूर ने मुंबई के उस खूंखार गैंगस्टर ‘हुसैन उस्तरा’ की भूमिका निभाई है, जिसका नाम कभी डोंगरी से लेकर दुबई तक के गलियारों में खौफ का पर्याय माना जाता था। निर्देशक ने इस कहानी के जरिए न केवल एक अपराधी के जीवन को दर्शाया है, बल्कि मुंबई के अंडरवर्ल्ड के उन अनछुए पहलुओं को भी उजागर किया है जो आज तक आम जनता की पहुंच से दूर थे।
फिल्म ‘ओ रोमियो’ की पटकथा प्रसिद्ध खोजी पत्रकार और लेखक एस. हुसैन जैदी की चर्चित किताब ‘माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई’ से प्रेरित है। जैदी अपनी किताबों में मुंबई अंडरवर्ल्ड के बारीक विवरणों के लिए जाने जाते हैं और यही कारण है कि फिल्म में यथार्थवाद का पुट काफी गहरा है। शाहिद कपूर फिल्म में मुख्य किरदार हुसैन उस्तरा का रोल निभा रहे हैं, जबकि अभिनेत्री तृप्ति डिमरी ‘अफशा’ नामक किरदार के जरिए फिल्म में भावनात्मक और रणनीतिक गहराई जोड़ रही हैं। फिल्म के रिलीज होते ही अब हर किसी के जेहन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर वह ‘हुसैन उस्तरा’ कौन था, जिसे पर्दे पर उतारने के लिए शाहिद कपूर ने इतनी मेहनत की है।
हुसैन उस्तरा का वास्तविक नाम हुसैन शेख था। उसका जन्म और पालन-पोषण मुंबई के घनी आबादी वाले इलाकों के बीच हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स और अंडरवर्ल्ड के इतिहास के अनुसार, हुसैन शेख की अपराधी बनने की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उसने अपने शुरुआती जीवन में स्ट्रीट फाइट्स (गलियों में होने वाली लड़ाई) और छोटे-मोटे झगड़ों के जरिए अपनी पहचान बनानी शुरू की थी। धीरे-धीरे उसकी ताकत बढ़ती गई और वह जबरन वसूली के काले धंधे में उतर आया। हुसैन की खासियत उसका बेखौफ अंदाज था, जिसके कारण वह बहुत जल्द अंडरवर्ल्ड की सीढ़ियां चढ़ता गया और अंततः एक पेशेवर कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में उभरा।
हुसैन शेख को ‘हुसैन उस्तरा’ नाम मिलने के पीछे भी एक दिलचस्प और डरावनी वजह बताई जाती है। कहा जाता है कि वह अपने शिकार पर हमला करने के लिए बंदूक या चाकुओं के बजाय ‘उस्तरा’ (रेजर) का इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद करता था। उसकी इस अनोखी और क्रूर कार्यशैली ने उसे अंडरवर्ल्ड में यह उपनाम दिया। हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत छोटे कामों से की थी, जिसमें लोगों को डराना-धमकाना, उधारी वसूलना और गैंगस्टरों के बीच के आपसी हिसाब बराबर करना शामिल था। लेकिन जैसे-जैसे उसकी साख बढ़ी, वह मुंबई के बड़े गिरोहों की नजर में आने लगा।
हुसैन उस्तरा के जीवन का सबसे चर्चित अध्याय उसकी और दाऊद इब्राहिम की कथित दुश्मनी है। 80 और 90 के दशक में जब दाऊद इब्राहिम मुंबई में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा था, तब हुसैन उस्तरा उन चंद लोगों में से एक था जिसने ‘डी-कंपनी’ के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। अंडरवर्ल्ड की किंवदंतियों के अनुसार, हुसैन उस्तरा और दाऊद के बीच की तनातनी कई वर्षों तक मुंबई के अपराध जगत में चर्चा का विषय रही। हुसैन के साहस का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने सीधे तौर पर दाऊद के साम्राज्य को चुनौती दी थी, जिसके परिणामस्वरूप मुंबई की सड़कों पर कई बार खून-खराबा भी हुआ।
फिल्म ‘ओ रोमियो’ इसी संघर्ष और हुसैन उस्तरा के निजी जीवन के उन हिस्सों को पर्दे पर दिखाती है, जो अब तक गुमनाम थे। शाहिद कपूर ने इस किरदार की बारीकियों को पकड़ने के लिए अपनी बॉडी लैंग्वेज और बोलने के अंदाज में काफी बदलाव किए हैं। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ‘हैदर’ और ‘कबीर सिंह’ के बाद शाहिद के करियर में यह एक और मील का पत्थर साबित हो सकती है। वहीं, तृप्ति डिमरी का किरदार अफशा इस अपराध कथा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आता है, जो दिखाती है कि कैसे अंडरवर्ल्ड की इस खूनी दुनिया में महिलाओं की भी अपनी एक अलग और शक्तिशाली भूमिका रही है।
आज रिलीज हुई यह फिल्म न केवल एक्शन और ड्रामा से भरपूर है, बल्कि यह दर्शकों को उस दौर की मुंबई में ले जाती है जहाँ कानून का नहीं बल्कि गैंगवार का राज चलता था। हुसैन जैदी की किताब पर आधारित होने के कारण फिल्म में घटनाओं का विवरण काफी सटीक है, जो इसे केवल एक मसाला फिल्म नहीं बल्कि एक ‘क्राइम ड्रामा’ की श्रेणी में खड़ा करता है। बॉक्स ऑफिस पर ‘ओ रोमियो’ को जिस तरह की ओपनिंग मिली है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हुसैन उस्तरा की यह अनकही कहानी दर्शकों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहेगी।