‘नेतन्याहू जानते हैं बॉस कौन है’, ट्रंप का बड़ा दावा; अगले हफ्ते व्हाइट हाउस में हो सकती है मुलाकात
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि नेतन्याहू ने उनसे व्हाइट हाउस में मुलाकात का अनुरोध किया है और यह बैठक अगले सप्ताह हो सकती है। उन्होंने दोनों नेताओं के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि नेतन्याहू अच्छी तरह जानते हैं कि “बॉस कौन है।” ‘एक्सियोस’ को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “हमारे बीच सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है। उन्हें पता है कि बॉस कौन है।”
अगले सप्ताह हो सकती है ट्रंप-नेतन्याहू की मुलाकात
यदि यह दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो फरवरी के बाद ट्रंप और नेतन्याहू की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी। रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने स्वयं व्हाइट हाउस में बैठक का अनुरोध किया है। नाटो शिखर सम्मेलन से ट्रंप की वापसी के बाद इस बैठक की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए अगले सप्ताह बैठक होना मुश्किल हो सकता है। अधिकारी के मुताबिक, यह मुलाकात उसके अगले सप्ताह आयोजित होने की अधिक संभावना है।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने की पुष्टि
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को नेतन्याहू और ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। यह बातचीत अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बधाई देने के लिए की गई थी। पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने अमेरिका और इजरायल के मजबूत संबंधों पर चर्चा की तथा जल्द ही अमेरिका में आमने-सामने मुलाकात करने पर सहमति जताई।
रिश्तों में तनाव की भी खबरें
सार्वजनिक तौर पर दोनों नेताओं के बीच बेहतर संबंधों की बात कही जा रही है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों के बीच मतभेदों की भी चर्चा है। खासतौर पर गाजा युद्ध, ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दोनों नेताओं की सोच में अंतर बताया जा रहा है। ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में हुई पिछली बैठक के बाद से ट्रंप के कई करीबी सलाहकार नेतन्याहू की रणनीतियों को लेकर असहज हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप के कुछ सलाहकारों का मानना है कि नेतन्याहू कई मुद्दों पर गलत साबित हुए हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले महीने हुई एक फोन बातचीत में ट्रंप ने लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर नेतन्याहू की आलोचना की थी। साथ ही उन्होंने दक्षिणी लेबनान से सैन्य गतिविधियां सीमित करने और पूर्व समझौतों की दिशा में आगे बढ़ने पर भी जोर दिया था।
ईरान और परमाणु वार्ता पर भी बोले ट्रंप
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु वार्ता का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौते के लिए उत्सुक है, हालांकि दोनों पक्षों ने कुछ धार्मिक और राजनीतिक प्रक्रियाएं पूरी होने तक बातचीत को टालने पर सहमति बनाई थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर हुई है और भविष्य में बातचीत की संभावना बनी हुई है।
पहले भी सामने आए थे मतभेद
गौरतलब है कि पिछले महीने ट्रंप ने, नेतन्याहू की आपत्तियों के बावजूद, ईरान के साथ संघर्षविराम (सीजफायर) की दिशा में पहल का समर्थन किया था और परमाणु वार्ता को आगे बढ़ाने संबंधी एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद से दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक मतभेदों की चर्चाएं लगातार सामने आती रही हैं।