नेस्ले का बड़ा फैसला: ब्रिटेन और आयरलैंड में शिशुओं के लिए असुरक्षित पाया गया ‘SMA’ मिल्क फॉर्मूला, बाजार से वापस मंगाए गए कई बैच
लंदन/डबलिन: दुनिया की दिग्गज खाद्य और पेय उत्पाद निर्माता कंपनी नेस्ले (Nestle) ने अपने शिशु आहार उत्पादों को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। कंपनी ने सुरक्षा मानकों और स्वास्थ्य जोखिमों का हवाला देते हुए ब्रिटेन और आयरलैंड के बाजारों से अपने लोकप्रिय ‘एसएमए (SMA) शिशु फॉर्मूला’ के विशिष्ट बैचों को स्वेच्छा से वापस मंगाने (Recall) का निर्णय लिया है। यह कदम एक बेहद खतरनाक जहरीले पदार्थ ‘सेरेउलाइड’ (Cereulide) की संभावित मौजूदगी की आशंका के बाद उठाया गया है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यह विषैला पदार्थ इतना शक्तिशाली है कि इसे उबालकर भी खत्म नहीं किया जा सकता, जिससे नवजात शिशुओं के लिए जोखिम कई गुना बढ़ गया है।
नेस्ले का स्वैच्छिक रिकॉल और प्रभावित उत्पादों का विवरण
नेस्ले ने सोमवार देर रात एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की कि वह ब्रिटेन और आयरलैंड में अपने ‘एसएमए शिशु फॉर्मूला’ और ‘फॉलो-ऑन फॉर्मूला’ के कुछ चुनिंदा बैचों को बाजार से हटा रही है। कंपनी ने ब्रिटेन की खाद्य मानक एजेंसी (FSA) और आयरलैंड के संबंधित विभागों के साथ मिलकर उन उत्पादों की सूची सार्वजनिक की है, जिनमें अशुद्धि की आशंका जताई गई है। कंपनी के अनुसार, यह निर्णय केवल विशिष्ट बैच नंबरों तक सीमित है और अन्य उत्पाद फिलहाल सुरक्षित माने जा रहे हैं। हालांकि, प्रभावित बैचों की संख्या और उनकी व्यापक पहुंच को देखते हुए अभिभावकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है।
‘सेरेउलाइड’ विषैला पदार्थ: क्यों है यह शिशुओं के लिए बेहद घातक?
इस रिकॉल का सबसे गंभीर पहलू ‘सेरेउलाइड’ नामक टॉक्सिन का पाया जाना है। सेरेउलाइड एक ऐसा विषैला पदार्थ है जो ‘बैसिलस सेरियस’ (Bacillus cereus) नामक बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह टॉक्सिन शिशुओं के नाजुक पाचन तंत्र के लिए अत्यधिक हानिकारक है। इसके सेवन से मतली, तेज उल्टी और पेट में गंभीर ऐंठन जैसे लक्षण बहुत कम समय में दिखाई देने लगते हैं। चूंकि नवजात शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बहुत कम होती है, इसलिए इस जहरीले पदार्थ का सूक्ष्म अंश भी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है या उन्हें गंभीर निर्जलीकरण (Dehydration) की स्थिति में धकेल सकता है।
ताप-स्थिरता का खतरा: उबलता पानी भी बेअसर
खाद्य मानक एजेंसी (FSA) ने इस मामले में एक चौंकाने वाला तथ्य साझा किया है। एजेंसी ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि ‘सेरेउलाइड’ एक ‘ताप-स्थिर’ (Heat-stable) विषैला पदार्थ है। सामान्य तौर पर लोग यह मानते हैं कि शिशु का दूध तैयार करते समय उबलते पानी का उपयोग करने या पाउडर को गर्म करने से बैक्टीरिया और टॉक्सिन नष्ट हो जाते हैं। लेकिन सेरेउलाइड के मामले में ऐसा नहीं है। यह टॉक्सिन अत्यधिक ऊष्मा प्रतिरोधी होता है, जिसका अर्थ है कि दूध बनाने की प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल किया गया उबलता पानी या पकाने की कोई भी विधि इसे निष्क्रिय करने में सक्षम नहीं है। यही कारण है कि यह उत्पाद डिब्बे में बंद रहने पर भी एक अदृश्य खतरे की तरह मौजूद रहता है।
कंपनी का रुख: ‘अत्यधिक सावधानी’ और गुणवत्ता प्रोटोकॉल
नेस्ले ने अपने ग्राहकों को संबोधित करते हुए कहा है कि यह रिकॉल उनके सख्त गुणवत्ता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है। कंपनी ने इसे एक ‘एहतियाती कदम’ बताया है। नेस्ले के प्रवक्ता ने कहा, “हमारे लिए शिशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है। जैसे ही हमें एक विशिष्ट बैच में सेरेउलाइड की संभावित उपस्थिति का संदेह हुआ, हमने बिना देरी किए उत्पाद को वापस मंगाने का निर्णय लिया।” कंपनी ने राहत की बात यह भी बताई कि अभी तक इस उत्पाद के सेवन से किसी भी शिशु के बीमार होने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। यह कदम संभावित बीमारी को रोकने के उद्देश्य से ‘अत्यधिक सावधानी’ के तहत उठाया गया है।
उपभोक्ताओं के लिए तत्काल एडवाइजरी और रिफंड प्रक्रिया
नेस्ले और स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन सभी अभिभावकों को तत्काल सलाह दी है जिन्होंने हाल ही में एसएमए शिशु फॉर्मूला खरीदा है। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने पास मौजूद डिब्बों के बैच नंबर की जांच आधिकारिक सूची से करें। यदि बैच नंबर मेल खाता है, तो उस फॉर्मूला का उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित उत्पाद को वापस करने पर ग्राहकों को पूरा रिफंड (Money back) दिया जाएगा। इसके लिए यूनाइटेड किंगडम और आयरलैंड में समर्पित हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय कर दिए गए हैं, जहां अभिभावक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
शिशु आहार उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण की चुनौतियां
यह घटना एक बार फिर वैश्विक स्तर पर शिशु आहार उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण और आपूर्ति श्रृंखला की संवेदनशीलता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान छोटी सी तकनीकी चूक या कच्चे माल में संदूषण (Contamination) बड़े संकट का कारण बन सकता है। चूंकि शिशु आहार का कोई विकल्प नहीं होता और बच्चे पूरी तरह से इन फॉर्मूला दूध पर निर्भर होते हैं, इसलिए कंपनियों पर शून्य-त्रुटि (Zero-error) सुनिश्चित करने का भारी दबाव होता है। नेस्ले द्वारा समय रहते उठाया गया यह कदम भले ही वित्तीय नुकसान का कारण बने, लेकिन यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति कॉर्पोरेट जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
निष्कर्ष: सतर्कता ही बचाव
फिलहाल, ब्रिटेन और आयरलैंड के बाजार में नेस्ले की टीमें सक्रिय रूप से प्रभावित स्टॉक को दुकानों और सुपरमार्केट से हटाने में जुटी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माता-पिता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। यदि उनके बच्चे ने अनजाने में प्रभावित बैच का सेवन कर लिया है और उसमें उल्टी या बेचैनी जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह मामला अन्य देशों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपने आयातित खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निरंतर जांच करते रहें।