• January 19, 2026

राष्ट्रीय समाचार विश्लेषण: सेना की सौर शक्ति, अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की सक्रियता और मणिपुर में बढ़ता सैन्य तनाव

नई दिल्ली: भारत की सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। एक ओर जहां भारतीय सेना अपनी सीमाओं पर सौर ऊर्जा से चलने वाले ड्रोन तैनात करने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैंगवार और यमन जैसे अशांत क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चुनौतियां बरकरार हैं। आज के इस विस्तृत बुलेटिन में हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, मणिपुर के संघर्ष और चुनाव आयोग की शक्तियों पर चल रही कानूनी बहस जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे।

भारतीय सेना की नई उड़ान: सौर ऊर्जा आधारित ड्रोन से होगी सीमा की निगरानी

भारतीय सेना ने आधुनिक युद्ध और निगरानी तकनीक की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सेना अब सीमा पर खुफिया जानकारी जुटाने के लिए पारंपरिक बैटरी चालित ड्रोन के बजाय सौर ऊर्जा से चलने वाले अत्याधुनिक ड्रोन का उपयोग करेगी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने बंगलूरू स्थित स्टार्टअप ‘न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज’ (एनआरटी) को 168 करोड़ रुपये का एक महत्वपूर्ण अनुबंध सौंपा है।

इस परियोजना के तहत सेना को ‘मीडियम एल्टीट्यूड पर्सिस्टेंट सर्विलांस सिस्टम’ नामक आधुनिक ड्रोन प्राप्त होंगे। यह प्रणाली सौर पैनलों से लैस है, जो दिन के समय सूर्य की रोशनी से अपनी बैटरी चार्ज करेगी और लंबे समय तक हवा में रहने में सक्षम होगी। कंपनी के सीईओ समीर जोशी के अनुसार, इस तकनीक का विकास रक्षा मंत्रालय की ‘आईडेक्स’ (iDEX – Innovations for Defence Excellence) योजना के तहत किया गया है। यह पहली बार है जब भारतीय सेना इस तरह के हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा स्रोत वाले सर्विलांस ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने जा रही है। इन ड्रोनों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी निरंतरता है, जिससे वे बिना बार-बार लैंडिंग किए सीमावर्ती इलाकों की पैनी निगरानी कर सकेंगे।

कनाडा में गैंगवार की गूंज: लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली हमले की जिम्मेदारी

भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक तनाव के बीच, अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी हैं। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने कनाडा के डेल्टा (सरे) में रहने वाले कबड्डी लीग प्रमोटर दविंदर मान के आवास पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। इस घटना की पुष्टि सोशल मीडिया पर गोल्डी ढिल्लों द्वारा की गई एक पोस्ट के जरिए हुई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, दविंदर मान पर यह हमला जबरन वसूली और आतंक पैदा करने के उद्देश्य से किया गया था। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने इस संदर्भ में बताया कि उन्होंने पहले ही एक ऐसे शूटर को गिरफ्तार किया है, जो कबड्डी खिलाड़ियों की टारगेट किलिंग की योजना में शामिल था। पुलिस का मानना है कि बिश्नोई और अर्जू बिश्नोई गैंग से जुड़े अपराधी पंजाब के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए डराने-धमकाने की नीति अपना रहे हैं। इस मामले में पेरी, सोनू नोल्टा, अंकुश और पियूष जैसे कई संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि भारतीय अपराध सिंडिकेट अब वैश्विक स्तर पर सक्रिय होकर विदेशी धरती पर भी भारतीय समुदाय को निशाना बना रहे हैं।

यमन के अशांत सोकोट्रा द्वीप से भारतीय महिला की सुरक्षित वापसी

युद्धग्रस्त यमन में जारी राजनीतिक और सैन्य संघर्ष के बीच एक राहत भरी खबर आई है। पिछले कई हफ्तों से सोकोट्रा द्वीप पर फंसी भारतीय महिला राखी किशन गोपाल को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। यमन में भारतीय दूतावास के अथक प्रयासों के बाद, राखी को यमेनिया की एक विशेष उड़ान के माध्यम से जेद्दाह ले जाया गया, जहां से उन्हें भारतीय अधिकारियों की देखरेख में स्वदेश भेजा गया।

यमन में चल रहे संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय उड़ानें बाधित हैं, जिससे वहां कई विदेशी नागरिक फंसे हुए हैं। राखी किशन गोपाल की वापसी भारतीय राजनयिकों की सक्रियता और संकट काल में अपने नागरिकों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। गुरुवार सुबह जब वह भारत लौटीं, तो उनके परिवार ने सरकार और दूतावास का आभार व्यक्त किया।

मणिपुर में हिंसा का नया दौर: अफीम की खेती को लेकर सशस्त्र संघर्ष

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच गुरुवार सुबह फिर से गोलीबारी की घटना सामने आई। कांगपोकपी जिले के खरम वैफेई इलाके में दो प्रतिबंधित सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलाबारी हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह संघर्ष ‘जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट’ (जेडयूएफ-एस कामसन) और कुकी उग्रवादी समूहों के बीच हुआ।

विवाद का मुख्य कारण अफीम की अवैध खेती बताई जा रही है। जेडयूएफ के कैडर जब इलाके में लगी अफीम की फसल को नष्ट करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद दूसरे गुट ने उन पर हमला कर दिया। सुबह करीब 7:40 बजे शुरू हुई इस मुठभेड़ से आसपास के सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके और हिंसा को अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोका जा सके।

मतदाता सूची संशोधन (SIR) पर कानूनी पेच: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित

सुप्रीम कोर्ट में बिहार सहित कई राज्यों में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई टल गई है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने इस मामले की अंतिम सुनवाई अब 13 जनवरी के लिए तय की है। यह मामला चुनाव आयोग की उन शक्तियों से जुड़ा है, जिसके तहत वह मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सघन जांच करता है।

चुनाव आयोग की दलील है कि उसका संवैधानिक कर्तव्य है कि वह यह सुनिश्चित करे कि किसी भी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो। आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने पीठ को बताया कि उनके पास एसआईआर करने की पूरी शक्ति और क्षमता है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस प्रक्रिया की आड़ में वास्तविक नागरिकों के अधिकारों का हनन हो सकता है। यह मामला नागरिकता, मतदान के अधिकार और संवैधानिक सीमाओं जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों को उठाता है, जिस पर अब मंगलवार को विस्तार से चर्चा होगी।

तेलंगाना सड़क हादसा: जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं

तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से एक हृदयविदारक समाचार सामने आया है। यहां एक तेज रफ्तार कार के पेड़ से टकरा जाने के कारण चार होनहार छात्रों की मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब पांच दोस्त मिलकर अपने एक साथी का जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, मोकिला थाना क्षेत्र के मिर्जागुड़ा में तड़के करीब 1:30 बजे चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और कार सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई।

मृतकों में चार बीबीए के छात्र थे और एक इंजीनियरिंग का छात्र था, जिसका स्वयं का जन्मदिन था। इस दुर्घटना में एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और रात के समय वाहन चलाने के खतरों की ओर इशारा करता है।

प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई: ग्रीन बिलियंस के सीईओ गिरफ्तार

मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के खिलाफ चल रहे अभियान में ईडी ने ‘द ग्रीन बिलियंस लिमिटेड’ के सीईओ प्रतीक कनकिया को गिरफ्तार किया है। प्रतीक पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी संस्था ‘ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड’ (BECIL) से करीब 50 करोड़ रुपये का ऋण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया।

जांच में खुलासा हुआ कि जिस प्रोजेक्ट के लिए यह लोन लिया गया था, वहां जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। इस भारी भरकम राशि का उपयोग निजी विलासिता, महंगी गाड़ियां खरीदने और दिल्ली-मुंबई में अचल संपत्तियों के निवेश में किया गया। मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने प्रतीक को 9 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि इस धोखाधड़ी में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।

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