• January 20, 2026

Narayan Sai Jail Security Under Question: रेप के दोषी नारायण साईं की कोठरी से मिला मोबाइल, गजब तरह से छुपाया था

Narayan Sai Jail Security Under Question: गुजरात (Gujarat) की लाजपोर जेल (Lajpore Jail) में कैद रेप के दोषी नारायण साईं (Narayan Sai) की सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुए, उसकी कोठरी से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुआ है। इस खुलासे के बाद जेल प्रशासन ने नारायण साईं के खिलाफ सचिन पुलिस स्टेशन (Sachin Police Station) में एक और FIR दर्ज कराई है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब जेल के अंदर जेलर के नाम पर चल रही वसूली के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ और जेल में अचानक सरप्राइज चेकिंग (Surprise Checking) की गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मोबाइल को दरवाजे के पीछे मैग्नेट (Magnet) से चिपकाकर बड़ी चालाकी से छुपाया गया था। इतना ही नहीं, दोषी नारायण साईं फोन की बैटरी और सिम कार्ड को अलग-अलग जगह पर छुपाता था। इस घटना ने एक बार फिर लाजपोर जेल की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, जानते हैं विस्तार से…

लाजपोर जेल की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

रेप मामले में दोषी ठहराए गए नारायण साईं (Narayan Sai) लंबे समय से गुजरात (Gujarat) के सूरत (Surat) स्थित लाजपोर जेल (Lajpore Jail) में अपनी सजा काट रहा है। यह मामला एक हाई-प्रोफाइल केस रहा है, जिसके चलते नारायण साईं की सुरक्षा को हमेशा से उच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। जेल प्रशासन द्वारा लगातार कड़ी निगरानी के दावे किए जाते रहे हैं। हालांकि, हाल ही में उसकी कोठरी से मोबाइल फोन और सिम कार्ड की बरामदगी ने जेल प्रशासन के सभी दावों की पोल खोल दी है। जेल के अंदर मोबाइल का मिलना सुरक्षा में एक बड़ी चूक और लापरवाही का संकेत है। यह घटना दर्शाती है कि जेल के भीतर कुछ स्तर पर अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत की संभावना है, जिसके बिना इतने हाई-सिक्योरिटी वाले कैदी तक मोबाइल पहुंचना संभव नहीं है। इसी पृष्ठभूमि में, दोषी के खिलाफ एक और एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।

वसूली रैकेट से खुली ‘मैग्नेटिक’ चोरी की पोल

पूरे मामले का खुलासा जेल के अंदर जेलर के नाम पर चल रहे ठगी और वसूली रैकेट के सामने आने से हुआ। जेल इंचार्ज दीपक भाभोर (Deepak Bhabhor) को इस संबंध में गुप्त सूचना मिली थी कि कोई व्यक्ति जेल अधिकारियों के नाम पर कैदियों के रिश्तेदारों से पैसे वसूल रहा है। इस सूचना के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया और तुरंत ही लाजपोर जेल (Lajpore Jail) की सभी कोठरियों में सरप्राइज चेकिंग (Surprise Checking) शुरू कर दी गई। चेकिंग के दौरान, नारायण साईं (Narayan Sai) की सेपरेट सेल (Separate Cell) की कोठरी नंबर-1 से आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं। मोबाइल फोन को दरवाजे के पीछे मैग्नेट (Magnet) से चिपकाया हुआ मिला, जो एक नई और गुप्त तकनीक का इस्तेमाल था। इसके अलावा, एक सिम कार्ड थैले के अंदर से जब्त किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि दोषी बाहरी दुनिया से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था।

बैटरी और सिम छुपाने का तरीका

मोबाइल फोन की बरामदगी में सबसे चौंकाने वाली बात नारायण साईं (Narayan Sai) द्वारा उसे छुपाने का तरीका था। जांच में पता चला कि वह मोबाइल के सभी हिस्सों को अलग-अलग जगहों पर बड़ी सावधानी और चालाकी से छुपाता था ताकि अगर कभी अचानक तलाशी हो, तो सभी आपत्तिजनक वस्तुएं एक ही जगह पर न मिलें। रिपोर्टों के अनुसार, मोबाइल का हैंडसेट दरवाजे के पीछे मैग्नेट से चिपका मिला, जबकि सिम कार्ड (Sim Card) थैले के भीतर था। सबसे बड़ी चतुराई यह थी कि मोबाइल की बैटरी (Battery) को उसने सिपाही कक्ष (Guard Room) में अलग से छुपाया हुआ था। एक कैदी द्वारा सुरक्षा प्रणाली को चकमा देने के लिए इस तरह की ‘गुप्त तकनीक’ (Secret Technique) का खुलासा होने के बाद, लाजपोर जेल (Lajpore Jail) के सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत नारायण साईं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

कड़ी निगरानी और जेल सुरक्षा की समीक्षा

मोबाइल फोन और सिम कार्ड की बरामदगी के बाद, जेल प्रशासन की ओर से नारायण साईं (Narayan Sai) के खिलाफ सचिन पुलिस स्टेशन (Sachin Police Station) में नई एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह मोबाइल कब से उसके पास था, वह किन लोगों के संपर्क में था और इसे जेल के भीतर पहुंचाने में किस-किस की भूमिका रही है। एक कैदी के पास से इस तरह से तकनीकी उपकरण मिलने के बाद लाजपोर जेल (Lajpore Jail) की सुरक्षा प्रणाली की तत्काल समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने जेल के अंदर जांच तेज कर दी है और सभी हाई-रिस्क कैदियों (High-Risk Inmates) पर कड़ी निगरानी (Strict Surveillance) रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और जेल प्रशासन दोनों ही इस मामले को हल्के में न लेते हुए, जेल के अंदर गैरकानूनी गतिविधियों के संभावित नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की तैयारी कर रहे हैं।

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