जेएनयू में आधी रात हिंसा: लेफ्ट और ABVP के बीच झड़प, पथराव-मारपीट से कैंपस अफरा-तफरी में; कई छात्र घायल, ABVP ने लगाया सुनियोजित हमले का आरोप
नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार की आधी रात एक बार फिर वैचारिक टकराव हिंसा में बदल गया। कैंपस के विभिन्न हिस्सों में लेफ्ट छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़प हुई, जिसमें पथराव, डंडेबाजी और भगदड़ मच गई। कई छात्र घायल हुए हैं, जिनमें ABVP के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
घटना की शुरुआत और विवाद का कारण
घटना की जड़ रविवार शाम को निकाले गए “समानता मार्च” में बताई जा रही है। लेफ्ट छात्र संगठनों (DSU, AISA, SFI आदि) ने कुलपति प्रो. संतोष कुमार पांडेय पर कथित जातिवादी टिप्पणियों के विरोध में मार्च निकाला और उनके इस्तीफे की मांग की। लेफ्ट का आरोप है कि मार्च के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोका और उकसावे की कोशिश की, जिससे तनाव बढ़ा और बात हाथापाई तक पहुंच गई।दूसरी ओर ABVP का दावा है कि हमला लेफ्ट गुटों ने किया। ABVP कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इसे “छात्र राजनीति नहीं, सुनियोजित हिंसा” करार दिया। उनका कहना है कि लेफ्ट के 300-400 नकाबपोश कार्यकर्ताओं ने कैंपस में घुसकर विचारधारा से असहमत छात्रों को टारगेट किया।
घटना की जड़ रविवार शाम को निकाले गए “समानता मार्च” में बताई जा रही है। लेफ्ट छात्र संगठनों (DSU, AISA, SFI आदि) ने कुलपति प्रो. संतोष कुमार पांडेय पर कथित जातिवादी टिप्पणियों के विरोध में मार्च निकाला और उनके इस्तीफे की मांग की। लेफ्ट का आरोप है कि मार्च के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोका और उकसावे की कोशिश की, जिससे तनाव बढ़ा और बात हाथापाई तक पहुंच गई।दूसरी ओर ABVP का दावा है कि हमला लेफ्ट गुटों ने किया। ABVP कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इसे “छात्र राजनीति नहीं, सुनियोजित हिंसा” करार दिया। उनका कहना है कि लेफ्ट के 300-400 नकाबपोश कार्यकर्ताओं ने कैंपस में घुसकर विचारधारा से असहमत छात्रों को टारगेट किया।
आधी रात 1:30 बजे स्थिति बेकाबू
रात करीब 1:30 बजे स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई। पथराव हुआ, लाठियां चलीं और कैंपस के स्कूल एरिया, लाइब्रेरी, स्टडी रूम और हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। ABVP के एक घायल छात्र प्रतीक भारद्वाज ने बताया कि वे पढ़ाई कर रहे थे जब हमलावर आए। खुद को बचाने के लिए वह एक बाथरूम में छिप गए, लेकिन लगभग 150 लोगों का समूह वहां पहुंचा और दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। हमलावरों ने फायर एक्सटिंग्विशर का धुआं बाथरूम में भर दिया, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया। प्रतीक ने आरोप लगाया कि JNU सिक्योरिटी और दिल्ली पुलिस समय पर नहीं पहुंची, बाद में उनके साथियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
रात करीब 1:30 बजे स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई। पथराव हुआ, लाठियां चलीं और कैंपस के स्कूल एरिया, लाइब्रेरी, स्टडी रूम और हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। ABVP के एक घायल छात्र प्रतीक भारद्वाज ने बताया कि वे पढ़ाई कर रहे थे जब हमलावर आए। खुद को बचाने के लिए वह एक बाथरूम में छिप गए, लेकिन लगभग 150 लोगों का समूह वहां पहुंचा और दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। हमलावरों ने फायर एक्सटिंग्विशर का धुआं बाथरूम में भर दिया, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया। प्रतीक ने आरोप लगाया कि JNU सिक्योरिटी और दिल्ली पुलिस समय पर नहीं पहुंची, बाद में उनके साथियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
ABVP का आरोप: विचारधारा से असहमत छात्रों पर निशाना
ABVP ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो और फोटो शेयर करते हुए दावा किया कि लेफ्ट गुटों ने शांतिपूर्वक पढ़ाई कर रहे छात्रों को निशाना बनाया। कई छात्रों को कमरों और बाथरूम में बंद होना पड़ा। ABVP ने इसे “गैर-लोकतांत्रिक और फासीवादी” हरकत करार दिया और JNU प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।लेफ्ट संगठनों का पक्ष
लेफ्ट छात्र संगठनों ने ABVP पर उकसावे और मार्च को बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुलपति की कथित जातिवादी टिप्पणियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध था, लेकिन ABVP ने हिंसा भड़काई।
ABVP ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो और फोटो शेयर करते हुए दावा किया कि लेफ्ट गुटों ने शांतिपूर्वक पढ़ाई कर रहे छात्रों को निशाना बनाया। कई छात्रों को कमरों और बाथरूम में बंद होना पड़ा। ABVP ने इसे “गैर-लोकतांत्रिक और फासीवादी” हरकत करार दिया और JNU प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।लेफ्ट संगठनों का पक्ष
लेफ्ट छात्र संगठनों ने ABVP पर उकसावे और मार्च को बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुलपति की कथित जातिवादी टिप्पणियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध था, लेकिन ABVP ने हिंसा भड़काई।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
JNU प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और घटना की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामला दर्ज किया गया है और दोनों पक्षों से शिकायत ली जा रही है। फिलहाल कैंपस में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।यह घटना JNU में पिछले कई वर्षों से जारी वैचारिक टकराव को एक बार फिर उजागर करती है, जहां विचार-विमर्श अक्सर हिंसा में बदल जाता है। छात्रों और शिक्षकों के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं।
JNU प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और घटना की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामला दर्ज किया गया है और दोनों पक्षों से शिकायत ली जा रही है। फिलहाल कैंपस में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।यह घटना JNU में पिछले कई वर्षों से जारी वैचारिक टकराव को एक बार फिर उजागर करती है, जहां विचार-विमर्श अक्सर हिंसा में बदल जाता है। छात्रों और शिक्षकों के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं।