• February 27, 2026

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जी राम जी’ कानून को बताया मील का पत्थर, कहा- अब मजदूरों के हक पर डाका डालना नामुमकिन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। वर्ष 2026 की पहली कैबिनेट बैठक के समापन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून ‘विकसित भारत-जी राम जी’ (VB-G RAM G) अधिनियम की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेमचेंजर’ करार देते हुए कहा कि यह कानून न केवल भ्रष्टाचार पर अंतिम प्रहार करेगा, बल्कि विकसित भारत के संकल्प की नींव भी बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इस कानून को पारदर्शी शासन और श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया युग बताया।

विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश के समग्र विकास की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य तभी साकार हो सकता है जब हमारे राज्य विकसित होंगे, और राज्य की प्रगति तभी संभव है जब हमारी सबसे बुनियादी इकाई यानी ‘गांव’ समृद्ध होगा। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि ‘जी राम जी’ (G RAM G) कानून ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि जब गांव का किसान आत्मनिर्भर होगा और मजदूर को उसकी मेहनत का सम्मानजनक फल मिलेगा, तभी देश एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा।

‘जी राम जी’ कानून: तकनीक से भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

इस नए कानून की तकनीकी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब हाजिरी भरने या काम के नाम पर खानापूर्ति करने की पुरानी और भ्रष्ट औपचारिकताएं खत्म हो जाएंगी। ‘जी राम जी’ अधिनियम के तहत अब बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों की ‘जियो-टैगिंग’ और ‘सैटेलाइट इमेजरी’ के जरिए निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रियल-टाइम मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग के माध्यम से हर परियोजना की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। इस तकनीक के शामिल होने से फर्जी नामों पर पैसा निकालने का खेल हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। अब सीधे डिजिटल भुगतान (DBT) के जरिए श्रमिकों के बैंक खातों में पैसा भेजा जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी।

पिछली सरकारों के ‘भ्रष्टाचार के मॉडल’ पर बरसे सीएम योगी

विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और ‘INDIA’ गठबंधन पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि जनहित के इतने बड़े कदम का स्वागत करने के बजाय विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पहले मनरेगा जैसी योजनाओं में भयंकर घोटाले होते थे, जिनकी सीबीआई जांच आज भी चल रही है। सीएम योगी ने कहा कि पहले श्रमिकों के हक पर डाका डाला जाता था और हर जिले से भ्रष्टाचार की शिकायतें आती थीं, लेकिन अब ‘जी राम जी’ कानून के आने से उन भ्रष्ट प्रथाओं के पोषक दल असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करना चाहिए था, लेकिन वे अपनी पुरानी आदतों के कारण इस सुधार का विरोध कर रहे हैं।

रोजगार की गारंटी और स्थायी ग्रामीण संपत्ति का निर्माण

मुख्यमंत्री ने ‘जी राम जी’ कानून को रोजगार के अवसर पैदा करने वाला एक प्रभावी तंत्र बताया। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी संपत्तियों (Permanent Assets) का निर्माण होगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियों को लाभ मिलेगा। यह कानून केवल मजदूरी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे में वृद्धि कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की एक गारंटी है। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि यह कानून उत्तर प्रदेश के करोड़ों श्रमिकों और किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और उन्हें सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करेगा।

मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने गरीब कल्याण पर दिया जोर

कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी ‘जी राम जी’ योजना का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाई गई यह योजना पूरी तरह से गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित है। अंसारी ने कहा कि समय के साथ समाज की जरूरतें बदल रही हैं और सरकार उन बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी’ कानून से अल्पसंख्यकों और समाज के सबसे पिछड़े तबके के मजदूरों को सबसे अधिक लाभ होगा, क्योंकि अब उनकी मजदूरी का पैसा बिना किसी कटौती के सीधे उन तक पहुंचेगा।

निष्कर्ष: पारदर्शिता और विकास का नया अध्याय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र के इस नए कानून को राज्य में पूरी तत्परता के साथ लागू करने के लिए तैयार है। तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही के मेल से बना यह ‘जी राम जी’ अधिनियम ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री ने अंत में पुनः प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता इस कानून का खुले दिल से स्वागत करती है और यह कानून आने वाले समय में एक सशक्त और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

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