केरल में देशव्यापी बंद: हड़ताल में शामिल सरकारी कर्मचारियों की सैलरी कटेगी, सिर्फ 4 वजहों पर मिलेगी छुट्टी – सरकार का सख्त आदेश
- चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) को वापस लेना
- बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 की वापसी
- बीज विधेयक 2025 को रद्द करना
- पशु एवं पशु कृषि अधिनियम 2025 (वीबी-जी राम जी अधिनियम) की वापसी
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
- योजना श्रमिकों सहित सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी का प्रभावी कार्यान्वयन
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने किसानों, कृषि मजदूरों और एनआरईजीए कार्यकर्ताओं से हड़ताल में शामिल होने की अपील की है। एसकेएम ने केंद्र की भाजपा सरकार पर किसानों, श्रमिकों और आम लोगों पर हमले का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले जलाने तथा मुक्त व्यापार समझौतों की प्रतियां जलाने का भी आह्वान किया है।केरल सरकार का सर्कुलर: छुट्टी सिर्फ इन 4 मामलों मेंकेरल की एलडीएफ सरकार ने बुधवार देर रात एक सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया कि हड़ताल वाले दिन सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को छुट्टी केवल निम्नलिखित चार कारणों से ही स्वीकृत की जाएगी:
- कर्मचारी या उनके करीबी रिश्तेदार (पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता) की गंभीर बीमारी
- कर्मचारी की कोई परीक्षा
- मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश)
- अन्य अत्यावश्यक/जरूरी कारण (जिसकी जांच की जाएगी)
इन चार कारणों के अलावा किसी भी अन्य वजह से छुट्टी लेने पर पूरी सैलरी काटी जाएगी। सरकार ने कहा है कि ये नियम केवल हड़ताल वाले दिन के लिए लागू होंगे।सरकार का रुख सख्तकेरल सरकार ने चेतावनी दी है कि बिना पूर्व अनुमति के हड़ताल में शामिल होने या अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के वेतन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अन्य संस्थानों में सामान्य कार्य सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अलर्ट पर है।यह हड़ताल केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों के खिलाफ व्यापक विरोध का हिस्सा है, जिसमें श्रम कानूनों, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विधेयकों को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है।