भारत ने मलेशिया को रक्षा और सैन्य सहयोग देने पर प्रतिबद्धता जताई

 भारत और मलेशिया के बीच सैन्य सहयोग पर उप समिति की 10वीं बैठक में दोनों देशों के बीच वर्तमान रक्षा सहयोग की समीक्षा करने के साथ ही पारस्परिक हितों के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। भारत ने पोत निर्माण और रखरखाव योजनाओं में मलेशियाई सशस्त्र बलों के साथ सहयोग करने पर प्रतिबद्धता जताई। साथ ही भारतीय रक्षा उद्योग की क्षमताओं और योग्यताओं के बारे में मलेशिया को जानकारी दी गई।

भारत और मलेशिया के बीच नई दिल्ली में हुई इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद ने किया, जबकि मलेशियाई पक्ष का नेतृत्व वहां के असिस्टेंट चीफ ऑफ स्टाफ, रक्षा संचालन एवं प्रशिक्षण विभाग के मेजर जनरल दातो खैरुल अनुआर बिन अब्द अजीज ने किया। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच वर्तमान रक्षा सहयोग की समीक्षा की गई और पारस्परिक हितों के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और विस्तार देने के लिए प्रभावी और व्यावहारिक अवसरों का पता लगाया। भारतीय पक्ष ने पोत निर्माण और रखरखाव योजनाओं में मलेशियाई सशस्त्र बलों के साथ सहयोग करने की क्षमता और योग्यता के साथ भारतीय रक्षा उद्योग की संभावना पर रोशनी डाली। दोनों सह-अध्यक्षों ने 12वीं मलेशिया-भारत रक्षा सहयोग समिति (एमआईडीसीओएम) बैठक के संभावित परिणामों पर भी चर्चा की, जो इस साल सितंबर में भारत में रक्षा सचिव के स्तर पर आयोजित की जाएगी।

दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास और समझ, सामान्य हितों तथा लोकतंत्र और कानून एवं शासन के साझा मूल्यों के आधार पर उन्नत सामरिक साझेदारी को पूरी तरह से लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता की एक बार फिर से पुष्टि की। भारत ने मलेशिया के साथ उन्नत रणनीतिक साझेदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 2015 में मलेशिया यात्रा के दौरान स्थापित की थी।

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