ऐतिहासिक क्षण: 26 वर्षीय सिमरन बाला पहली बार CRPF की पूरी पुरुष टुकड़ी की कमान संभालेंगी
26 साल की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 140 से अधिक पुरुषों वाली टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहली बार है जब CRPF की किसी पूरी तरह पुरुष टुकड़ी की कमान किसी महिला अधिकारी के हाथ में होगी।
राजौरी जिले की पहली महिला अधिकारी
सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले (नौशेरा सेक्टर) की निवासी हैं। वह इस जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF, जो देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है और लगभग 3.25 लाख कर्मचारियों के साथ आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाता है, के तीन प्रमुख क्षेत्रों—नक्सल विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और उत्तर-पूर्व में उग्रवाद विरोधी कार्य—में सक्रिय भूमिका निभाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और करियर की शुरुआत
सिमरन ने जम्मू के गांधी नगर स्थित सरकारी महिला कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की। 2025 में उन्होंने UPSC द्वारा आयोजित CAPF (सहायक कमांडेंट) परीक्षा पास की और CRPF में कमीशन प्राप्त किया। कमीशन के बाद उनकी पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के ‘बस्तरिया’ बटालियन में हुई, जहां उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में हिस्सा लिया। CRPF अकादमी, गुड़गांव में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन, नेतृत्व कौशल और सार्वजनिक बोलने के लिए पुरस्कार मिले। उनकी रिहर्सल में दिखी कमांडिंग पर्सनैलिटी और आत्मविश्वास ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित किया, जिसके कारण उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
महिलाओं की भागीदारी और अन्य आकर्षण
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भूमिका और भी खास होगी। CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त ‘डेयर डेविल्स’ टीम एनफील्ड बुलेट बाइक्स पर स्टंट करते हुए परेड का हिस्सा बनेगी। ये महिला सैनिक 2020 में भी इसी तरह के शानदार प्रदर्शन का हिस्सा रह चुकी हैं।
सिमरन बाला का यह उपलब्धि न केवल जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि पूरे देश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और मेरिट-आधारित नेतृत्व का प्रतीक है। 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर उनका नेतृत्व लाखों भारतीयों के लिए गर्व का क्षण होगा।