• January 19, 2026

Hapur Cremation Fraud Exposed: दिल्ली के युवकों की शर्मनाक शरारत, अब आईडी वेरिफिकेशन के बाद ही मिलेगी अंतिम संस्कार की अनुमति

Hapur Cremation Fraud Exposed: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ (Hapur) जिले से हाल ही में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जिसके बाद श्मशान घाट (Cremation Ground) पर अंतिम संस्कार (Last Rites) के लिए नई और सख्त गाइडलाइन लागू की गई है। बीते दिनों, दिल्ली (Delhi) से आए दो युवकों को ब्रजघाट श्मशान घाट (Brajghat Cremation Ground) पर एक प्लास्टिक के पुतले का अंतिम संस्कार करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। यह पूरी साजिश बीमे की बड़ी रकम हासिल करने के लिए रची गई थी। इस घटना के वायरल होने के बाद, पुलिस (Police) और प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। अब, श्मशान घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार करने से पहले आईडी वेरिफिकेशन (ID Verification) करना अनिवार्य होगा। मृतक के शव के चेहरे का मिलान उसके आधार कार्ड (Aadhaar Card) या किसी अन्य पहचान पत्र से किया जाएगा। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, जानते हैं विस्तार से…

हापुड़ में फर्जीवाड़े की हैरान कर देने वाली घटना

यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ (Hapur) जिले में स्थित ब्रजघाट श्मशान घाट (Brajghat Cremation Ground) से जुड़ा है, जिसने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। बीते गुरुवार (Thursday) को दिल्ली (Delhi) से आए दो युवकों ने एक प्लास्टिक के पुतले को मृतक बताकर, उसका अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। उन्होंने श्मशान घाट के कर्मचारियों से कहा कि पुतले की मौत दिल्ली (Delhi) के एक अस्पताल में हुई है और पोस्टमार्टम (Postmortem) के बाद वे उसका अंतिम संस्कार करने आए हैं। इस शर्मनाक शरारत ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई, बल्कि सिस्टम की खामियों को भी उजागर किया। इस घटना से पहले, अंतिम संस्कार के लिए कोई सख्त पहचान सत्यापन प्रक्रिया नहीं थी। इस बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद ही श्मशान घाट की सुरक्षा और प्रक्रियाओं पर तुरंत ध्यान दिया गया और नए नियम बनाने की जरूरत महसूस हुई।

पुतले को ‘मृतक अंशुल’ बताकर रची थी साजिश

गुरुवार (Thursday) को दिल्ली (Delhi) के दो युवक—कमल सोमानी (Kamal Somani) और आशीष खुराना (Ashish Khurana)—एक कार में प्लास्टिक का पुतला लेकर ब्रजघाट श्मशान घाट (Brajghat Cremation Ground) पहुंचे थे। उन्होंने पुतले को ‘मृतक अंशुल’ (Deceased Anshul) बताकर कर्मचारियों को धोखा देने की कोशिश की। हालांकि, श्मशान घाट के कर्मचारी नितिन (Nitin) को शव का वजन सामान्य से काफी हल्का लगा, जिससे उन्हें शक हुआ। जब कर्मचारी ने कफन हटाकर मृतक का चेहरा देखने की मांग की, तो दोनों युवक लगातार बहाने बनाने लगे और टालमटोल करने लगे। शक गहराने पर, कर्मचारी ने स्वयं कपड़ा हटाकर देखा, तो सभी के होश उड़ गए—कफन के नीचे किसी इंसान की लाश नहीं, बल्कि एक प्लास्टिक का पुतला रखा हुआ था। इसके तुरंत बाद पुलिस (Police) को मौके पर बुलाया गया और पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।

50 लाख के बीमे की रकम के लिए फर्जीवाड़ा

पुलिस (Police) की पूछताछ में इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे की साजिश सामने आई। पकड़े गए आरोपी कमल सोमानी (Kamal Somani) ने कबूल किया कि उसने अपने दोस्त अंशुल (Anshul) के नाम पर कराए गए बीमे की रकम (Insurance Amount) हासिल करने के लिए यह योजना बनाई थी। कमल सोमानी लगभग 50 लाख रुपये के कर्ज के बोझ से परेशान था और उसने इस रकम को पाने के लिए अंशुल की मौत का झूठा नाटक रचने की कोशिश की। उसका इरादा पुतले का अंतिम संस्कार दिखाकर एक मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) हासिल करना था, जिसे वह बीमा कंपनी (Insurance Company) में जमा करके पैसा निकाल सके। इस गंभीर आपराधिक साजिश के सामने आने के बाद, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना ने बीमा क्षेत्र में भी फर्जीवाड़े की रोकथाम को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

आईडी वेरिफिकेशन और नए नियम लागू

इस शर्मनाक और आपराधिक घटना के बाद, हापुड़ (Hapur) प्रशासन ने ब्रजघाट श्मशान घाट (Brajghat Cremation Ground) पर तत्काल प्रभाव से नई गाइडलाइन लागू कर दी है। अब से, श्मशान घाट में मृतक का अंतिम संस्कार करने से पहले आईडी वेरिफिकेशन (ID Verification) करना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया के तहत, मुखाग्नि देने से पहले मृतक के शव का चेहरा और उसके साथ लाए गए आधार कार्ड (Aadhaar Card) या अन्य पहचान पत्र का मिलान किया जाएगा। वेरिफिकेशन होने के बाद ही मृतक के नाम की एंट्री रजिस्टर में होगी और अंतिम संस्कार की अनुमति मिल पाएगी। यह कदम श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थानों पर फर्जीवाड़े और आपराधिक गतिविधियों को रो

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