• March 3, 2026

Ghaziabad Love Jihad News: ‘लव जिहाद’ या संगठित ब्लैकमेल रैकेट? एक ही परिवार के 6 लोग आरोपी, पुलिस जाँच शुरू!

Ghaziabad Love Jihad News:उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद (Ghaziabad) में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने ‘लव जिहाद’ (Love Jihad) और संगठित ब्लैकमेलिंग (Organized Blackmail) को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सराय नज़र अली (Sarai Nazar Ali) इलाके के एक मुस्लिम परिवार पर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मिलकर हिंदू लड़कियों को प्यार के जाल में फँसाने, उनका यौन शोषण (Sexual Exploitation) करने और फिर धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) का दबाव बनाने का आरोप है। इस पूरे रैकेट में एक ही परिवार के पति-पत्नी, भाई-बहन और जीजा समेत 6 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। पीड़िता ने आरोपियों पर समझौता न करने पर जान से मारने की धमकी (Death Threat) देने का आरोप भी लगाया है। इस गिरोह के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले ही चार केस दर्ज हैं। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, जानते हैं विस्तार से

प्रेम जाल में फँसाने वाले संगठित गिरोह का खुलासा

गाजियाबाद (Ghaziabad) के बिसरख थाना (Bisrakh Police Station) क्षेत्र की एक पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने एक गंभीर अपराध सिंडिकेट (Crime Syndicate) का खुलासा किया है। पीड़िता ने हारुन खान (Harun Khan) और उसके परिवार के सदस्यों समेत कई लोगों पर संगठित आपराधिक गतिविधि का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी, जिनमें हारुन, राजू खान (Raju Khan), सिकंदर उर्फ सोनू खान (Sikandar alias Sonu Khan), कपिल खान (Kapil Khan), सहाना खान (Sahana Khan) और गुड़िया (Gudiya) शामिल हैं, एक गैंग (Gang) के रूप में काम करते हैं। इस गिरोह के सदस्य अपना असली नाम और पहचान (Real Name and Identity) छिपाकर हिंदू समुदाय की भोली-भाली लड़कियों और महिलाओं को प्रेम जाल (Love Trap) में फँसाते हैं। यह पैटर्न संगठित तरीके से चलाए जा रहे एक बड़े जाल की ओर इशारा करता है, जो ‘लव जिहाद’ की आशंकाओं को जन्म देता है।

यौन शोषण, अश्लील सामग्री और धर्म परिवर्तन का दबाव

पीड़िता की शिकायत में लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। उसने बताया है कि एक बार प्रेम जाल में फँसाने के बाद, गिरोह के सदस्य लड़कियों का यौन शोषण (Sexual Exploitation) करते हैं और उनकी अश्लील फोटो और वीडियो (Obscene Photos and Videos) बना लेते हैं। इस सामग्री का इस्तेमाल बाद में उन्हें ब्लैकमेल (Blackmail) करने के लिए किया जाता है। ब्लैकमेलिंग का यह तरीका केवल पैसे ऐंठने तक सीमित नहीं है, बल्कि गिरोह पीड़ितों पर धर्म परिवर्तन (Conversion) करने का भी लगातार दबाव बनाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ गाजियाबाद के अलग-अलग थानों में पहले से ही चार केस (Four Cases) दर्ज हैं, जो साबित करता है कि यह एक दोहराई जाने वाली (Recurring) आपराधिक गतिविधि है। इस मामले में एक ही परिवार के छह सदस्यों (पति-पत्नी, भाई-बहन और जीजा) का शामिल होना इसे संगठित अपराध की श्रेणी में डालता है।

आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी और सुरक्षा की गुहार

पीड़िता ने बताया है कि जब उसने आरोपियों के खिलाफ पहले केस दर्ज कराया था, तो कुछ समय के लिए वे शांत हो गए थे। हालांकि, अब वे उसे फिर से धमका रहे हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी उसे ब्लैकमेल करने के लिए बनाए गए वीडियो को फिर से वायरल (Viral Video Threat) करने की धमकी दे रहे हैं। 20 अक्टूबर को आरोपी राजू खान (Raju Khan) ने तो बाज़ार में उसके साथ गाली-गलौज (Abuse) की और उसे किडनैप करने (Kidnap) की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़िता ने खुद को और अपने परिवार को आरोपियों से जान-माल का खतरा (Threat to Life and Property) बताते हुए पुलिस प्रशासन (Police Administration) से सुरक्षा (Security) की गुहार लगाई है। बिसरख के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (Inspector-in-Charge) मनोज कुमार सिंह (Manoj Kumar Singh) ने पुष्टि की है कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच (Detailed Investigation) शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने दर्ज किया केस, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मनोज कुमार सिंह (Manoj Kumar Singh) के अनुसार, पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इस एफआईआर (FIR) में हारुन खान (Harun Khan) और उसकी पत्नी सुहाना (Suhana), भाई सिकंदर उर्फ सोनू खान (Sikandar alias Sonu Khan), भाई कपिल खान (Kapil Khan), बहन गुड़िया (Gudiya), और जीजा राजू खान (Raju Khan) सहित कुछ अज्ञात दोस्तों को नामजद किया गया है। पुलिस अब जांच में मिले तथ्यों (Facts Found in Investigation) के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई (Legal Action) करेगी। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस यह सुनिश्चित करने पर ज़ोर दे रही है कि यह गिरोह संगठित ब्लैकमेलिंग कर रहा था या इसके पीछे ‘लव जिहाद’ का भी मकसद था। यह जाँच गाजियाबाद के सामाजिक ताने-बाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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