• March 8, 2026

गंगा सेवा रक्षा दल ने एसडीएम को दिया एसडीएम को दिया ज्ञापन

 गंगा सेवा रक्षा दल ने एसडीएम को दिया एसडीएम को दिया ज्ञापन

गंगा सेवा रक्षा दल ने उप जिलाधिकारी से मुलाकात कर देवभूमि के ऐतिहासिक आश्रम ,धर्मशाला, गौशालाओं को खुर्द बुर्द करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अवैध रूप से हो रहे नव निर्माणों रोक लगाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

गंगा सेवा रक्षा दल के अध्यक्ष नरेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि विश्वभर में प्रसिद्ध देवभूमि ऋषिकेश का अस्तित्व पौराणिक मंदिर आश्रम धर्मशालाओं से है। ऋषिकेश को अनेक नामों से विश्व भर में जाना जाता है। तीर्थ नगरी, योग नगरी, स्नान धाम, धर्मनगरी, देवभूमि, यहां पर प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में देश विदेश से श्रद्धालु यात्रियों का आवागमन होता है।

उत्तराखंड की चारों धाम यात्रा का प्रारंभ भी ऋषिकेश से ही किया जाता है। नीलकंठ यात्रा भी ऋषिकेश से ही प्रारंभ होती है। पौराणिक आश्रम ,धर्मशाला और मंदिरों की नगर निगम में दर्ज संख्या लगभग 137 है, यहां के मंदिर आश्रम धर्मशाला का निर्माण श्रद्धालुओं द्वारा यात्रियों की सुख सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपने पूर्वजों की याद में बनवाया गया था। आश्रम धर्मशाला आदि के निर्माणकर्ताओं के परिवार का हस्तक्षेप ना होने के कारण खंडहर होती जा रही हैं।

कुछ स्थानों पर संचालकों के परिवार और किराएदार कब्जा किए हुए हैं। भू माफिया और संचालकों की मिलीभगत से समस्त ऐतिहासिक, धर्मशालाओं ,मंदिरों, आश्रमों को खुर्द कर भूमि का स्वरूप बदलने वाले दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त एवं कठोर कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों , तहसील प्रशासन, म॔सूरी विकासप्राधिकरण, नगर निगम आदि को निर्देशित कर अवैध नव निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए नव मानचित्र की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रतिबंध लगाएंगे।

नगर के आश्रम धर्मशालाओं में निवास कर रहे व्यक्तियों की जांच एवं सत्यापन की कार्रवाई कराना भी अति आवश्यक है। इस प्रकरण को गंभीरता से ना ले जाने पर संबंधित विभागों के खिलाफ संगठन को न्यायालय की शरण लेने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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