फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत पहुंचे: मुंबई में पीएम मोदी से मुलाकात, AI समिट और राफेल डील पर फोकस
नई दिल्ली/मुंबई: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने मंगलवार की आधी रात के आसपास मुंबई में लैंडिंग की, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह मैक्रों की 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की चौथी यात्रा है और पहली बार मुंबई का दौरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनका स्वागत करते हुए लिखा, “भारत आपकी यात्रा का स्वागत करने के लिए उत्साहित है। मुझे विश्वास है कि हमारी चर्चा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगी और वैश्विक प्रगति में योगदान देगी। जल्द ही मुंबई और फिर दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्रिय मित्र।”इससे पहले मैक्रों ने यात्रा के दौरान विमान की खिड़की से एक तस्वीर शेयर करते हुए पोस्ट किया था, “भारत के रास्ते में! मुंबई से नई दिल्ली तक हमारी रणनीतिक साझेदारी को और भी आगे ले जाने के लिए तीन दिन।”मुख्य फोकस: AI और रक्षा सौदेइस दौरे का मुख्य केंद्रबिंदु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रक्षा सहयोग रहेगा। दोनों नेता इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे, जो नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा है। मैक्रों बुधवार और गुरुवार को इस मेगा इवेंट में शामिल हो सकते हैं, जहां वैश्विक AI गवर्नेंस, नवाचार और सहयोग पर चर्चा होगी।
रक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ी चर्चा 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों के मेगा सौदे की है। रक्षा मंत्रालय और रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इस ₹3.60 लाख करोड़ (लगभग) के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत अधिकांश विमानों का निर्माण भारत में होगा, जो भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को नई मजबूती देगा।आर्थिक, औद्योगिक और अन्य सहयोगमैक्रों के साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जिसमें प्रमुख व्यापारिक नेता, औद्योगिक दिग्गज और डिजिटल विशेषज्ञ शामिल हैं। जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने द्विपक्षीय व्यापार को नई गति दी है।
यात्रा के दौरान मुंबई में पीएम मोदी और मैक्रों इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे। दोनों नेता लोक भवन, मुंबई में द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जहां रक्षा, तकनीक, व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। बाद में मैक्रों नई दिल्ली जाएंगे, जहां AI समिट में भागीदारी के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने की उम्मीद है।
यह यात्रा ‘हॉराइजन 2047′ रोडमैप के तहत भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।