पूर्व IAS दिव्या मित्तल करेंगी नई पार्टी का ऐलान! मिर्जापुर से चुनाव लड़ने की तैयारी, अनुप्रिया पटेल की बढ़ेगी चुनौती?
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया सियासी मोर्चा खुलने की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के नई राजनीतिक पार्टी बनाने की खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी पार्टी का नाम जनता शक्ति पार्टी हो सकता है। बताया जा रहा है कि दिव्या मित्तल मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उनके इस कदम को केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के राजनीतिक प्रभाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, दिव्या मित्तल दोपहर एक बजे अपनी नई पार्टी के गठन और राजनीतिक पारी को लेकर आधिकारिक घोषणा करने वाली हैं। हालांकि, पार्टी के नाम और चुनाव लड़ने की योजना को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। दिव्या मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं, ऐसे में जिले की राजनीति में उनकी संभावित एंट्री को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
अनुप्रिया पटेल के गढ़ में दिव्या मित्तल की एंट्री से बदलेगा सियासी समीकरण?
मिर्जापुर को लंबे समय से अनुप्रिया पटेल का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है। वह मिर्जापुर लोकसभा सीट से सांसद हैं और अपना दल (सोनेलाल) का इस इलाके में प्रभाव रहा है। ऐसे में अगर दिव्या मित्तल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर सदर सीट से मैदान में उतरती हैं, तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, दिव्या मित्तल की नजर भविष्य में 2029 के लोकसभा चुनाव पर भी हो सकती है। हालांकि, लोकसभा चुनाव लड़ने की उनकी किसी संभावित योजना की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह भी चर्चा हो सकती है कि यदि दिव्या मित्तल चुनाव में प्रभावशाली प्रदर्शन करती हैं, तो दूसरे राजनीतिक दल भी उनसे संपर्क साधने में दिलचस्पी दिखा सकते हैं। समाजवादी पार्टी समेत अन्य दलों के साथ संभावित समीकरणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मिर्जापुर सदर सीट पर बीजेपी का कब्जा
मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर नजर डालें तो यहां 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के रत्नाकर मिश्रा ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में दिव्या मित्तल के इस सीट से चुनाव लड़ने पर उन्हें बीजेपी के मौजूदा राजनीतिक आधार का सामना करना पड़ सकता है।
यदि जनता शक्ति पार्टी के गठन और दिव्या मित्तल की उम्मीदवारी की पुष्टि होती है, तो यह देखना अहम होगा कि वह अपने प्रशासनिक अनुभव को चुनावी समर्थन में कितना बदल पाती हैं।
मिर्जापुर में अपना दल (एस) का भी मजबूत प्रभाव
मिर्जापुर जिले में अपना दल (सोनेलाल) का भी राजनीतिक प्रभाव रहा है। पार्टी छानबे विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ती रही है। 2017 और 2022 के चुनावों में यहां राहुल प्रकाश कोल ने जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी रिंकी कोल ने अपना दल (एस) के टिकट पर जीत हासिल की।
ऐसे राजनीतिक परिदृश्य में दिव्या मित्तल की संभावित राजनीतिक एंट्री से मिर्जापुर की चुनावी चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, उनकी पार्टी के गठन, उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति की आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वह किस तरह की चुनौती पेश करेंगी।
