बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने की नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा: नाम होगा ‘सनातनी पार्टी’, विजय एकादशी पर बांके बिहारी जी के आशीर्वाद से लिया फैसला
बरेली/वृंदावन, 13 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने अब एक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने आज विजय एकादशी के शुभ अवसर पर वृंदावन में बांके बिहारी जी के दर्शन के बाद नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है। पार्टी का नाम ‘सनातनी पार्टी’ रखा जाएगा, जो सनातनी समाज की पहचान और हितों को राजनीतिक मंच पर मजबूती से उठाएगी।
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो संदेश में कहा:“आज दिनांक 13 फरवरी 2026 को विजय एकादशी के शुभ दिन पर वृंदावन में बांके बिहारी जी का दर्शन करने के उपरांत, जिस तरीके से पूरा सनातनी समाज एक राजनीतिक विकल्प के रूप में नई सनातनी पार्टी के बारे में विचार कर रहा था, आज बांके बिहारी जी से आशीर्वाद प्राप्त करने के पश्चात मैं घोषणा कर रहा हूं कि हम सभी सनातनी समाज वर्तमान व्यवस्था से अलग हो रहे हैं और अपनी एक पहचान के साथ राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर रहे हैं।”उन्होंने आगे कहा:“जिस तरीके से सम्मान के साथ अपना दल, निषाद पार्टी, राजभर पार्टी कार्य कर रही है, उसी तरीके से अब हम अपनी सनातनी पहचान के साथ अलग होते हुए राजनीतिक रूप से काम करेंगे, चाहे इसके लिए हमें गठबंधन करना पड़े या अकेले चुनाव लड़ना पड़े। जल्द ही हम माननीय भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष नई राजनीतिक पार्टी के लिए आवेदन करेंगे। आप सभी सनातनी लोगों को बहुत-बहुत धन्यवाद और भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।”बैकग्राउंड: इस्तीफा और सस्पेंशनअलंकार अग्निहोत्री ने पिछले महीने यूजीसी एक्ट, शिक्षा नीति और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर विरोध जताते हुए बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। विभाग ने उनके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है। इस्तीफे के बाद से ही अलंकार अग्निहोत्री सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय रहे हैं और सनातनी मूल्यों, हिंदू समाज के अधिकारों और प्रशासनिक सुधारों पर लगातार बोलते आए हैं।
राजनीतिक महत्वअलंकार अग्निहोत्री की यह घोषणा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विकल्प पेश कर सकती है। वे सनातनी समाज को एक अलग राजनीतिक पहचान देने की बात कर रहे हैं, जो जातीय और क्षेत्रीय पार्टियों की तरह संगठित होकर चुनावी मैदान में उतर सकती है। पार्टी का गठन और चुनाव आयोग में पंजीकरण प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
अलंकार अग्निहोत्री के इस कदम पर अब राजनीतिक विश्लेषक और सनातनी संगठनों की नजर टिकी हुई है। क्या यह नई पार्टी उत्तर प्रदेश में सियासी समीकरण बदल पाएगी, यह आने वाले समय में साफ होगा।