फर्जी वीजा मामले एजेंट गिरफ्तार
इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट थाना पुलिस टीम ने फर्जी वीजा मामले लगातार कार्रवाई के दौरान यमुनापार के एक ट्रेवल एजेंट को गिरफ्तार किया है। जो फर्जी स्टांप इमीग्रेशन डिपार्टमेंट का यूज करके लोगों को बाहर भेजने का गोरख धंधा कर रहा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब यूएई से एक हवाई यात्री आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचा था।
डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान मनोज जैन के रूप में हुई है। यह दिल्ली के झिलमिली इलाके का रहने वाला है। इसे एसीपी वीरेंद्र मोर की देखरेख में एसएचओ बिजेंदर राणा, सब इंस्पेक्टर राहुल, हेड कांस्टेबल राजेंद्र और बिरजू की टीम ने गिरफ्तार किया है।
आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई कर चुका है। उसके बाद प्रखर टूर एंड ट्रैवल प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी प्रीत विहार में चलने लगा। बाद में या एयर टिकट बुकिंग का भी काम करने लगा। इस कारोबार के दौरान यह दूसरे एजेंट के संपर्क में आया और उसके बाद लोगों को विदेश भेजने का गोरखधंधा में शामिल हो गया। लोगों को कम पैसे में विदेश भेजने का लालच देकर उन्हें फंसाता था।
जिस मामले में इसे पकड़ा गया है, उस मामले में एक हवाई यात्री दलजीत सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। तो वह दुबई से आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा था। जब उसके डॉक्यूमेंट की इमीग्रेशन डिपार्टमेंट में जांच की तो फर्जीवाड़ा का पता चला। उसमें आगे की पूछताछ में पता चला की वह यूएसए में नौकरी के लिए वीजा बनवाने के लिए मनोज जैन नाम के एजेंट के संपर्क में आया था।
उसने 40 लाख रुपए लेकर उसका वीजा बनवाने का भरोसा दिया था। इसके अकाउंट में सात लाख ट्रांजेक्शन का पता चला। यह अपने दूसरे साथियों के साथ मिलकर लग्जरी लाइफ जीने के लिए इस तरह का गोरखधंधा करना शुरू कर दिया था। इस मामले में इसके और साथी एजेंट की तलाश पुलिस कर रही है जो इस गोरखधंधे में शामिल थे।




