• March 20, 2026

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में ‘उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम’ सफलतापूर्वक संपन्न

19 मार्च 2026 को Khwaja Moinuddin Chishti Language University के वाणिज्य विभाग द्वारा Centre for Entrepreneurship Development एवं Enterprise Facilitation Centre, Lucknow के सहयोग से “उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम” का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के अटल हॉल में किया गया। यह कार्यक्रम Development Commissioner MSME के सौजन्य से संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता, स्टार्टअप संस्कृति और स्वरोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक रूप से अतिथियों के स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने अध्यक्षीय संबोधन दिया। अपने प्रेरणादायक भाषण में उन्होंने छात्रों को पारंपरिक नौकरी की सोच से आगे बढ़कर नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के पास अपार संभावनाएं हैं और यदि वे सही मार्गदर्शन, योजना और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें, तो वे न केवल अपने लिए बल्कि समाज के लिए भी रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मुकेश बहादुर सिंह ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, मेहनत और सकारात्मक सोच के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है। उनके अनुभवों ने छात्रों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया कि असफलताएं सफलता की राह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं।

विशिष्ट अतिथि प्रो. क्रांति सिंह ने उद्यमिता के विभिन्न आयामों जैसे नवाचार, जोखिम प्रबंधन, बाजार विश्लेषण और नेतृत्व क्षमता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि एक सफल उद्यमी बनने के लिए केवल विचार होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही रणनीति और क्रियान्वयन के साथ आगे बढ़ाना भी आवश्यक है।

अतिथि वक्ता डॉ. अर्पित शैलेश ने अपने सत्र में छात्रों को प्रभावी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किसी भी स्टार्टअप या व्यवसाय की सफलता में एक मजबूत और स्पष्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट की अहम भूमिका होती है, जिसमें वित्तीय योजना, बाजार की स्थिति और संभावित चुनौतियों का सही आकलन शामिल होना चाहिए।

कार्यक्रम का सफल संचालन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज शुक्ल के नेतृत्व में किया गया। स्वागत भाषण डॉ. जैबुन निशा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीष कुमार द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर डॉ. अफरीन फातिमा, डॉ. अनुभव तिवारी, डॉ. मृदुल सोनी, डॉ. रणजीत वर्मा सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वक्ताओं के विचारों से प्रेरणा प्राप्त की।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, कौशल विकास और व्यवसायिक रणनीतियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। इस प्रकार का आयोजन न केवल छात्रों के ज्ञान में वृद्धि करता है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और देश के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए भी प्रेरित करता है।

समग्र रूप से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और छात्रों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

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