दिल्ली का तुर्कमान गेट बना अखाड़ा: अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान भारी पथराव, अब तक 11 उपद्रवी गिरफ्तार
नई दिल्ली: देश की राजधानी के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भड़का बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सात जनवरी की सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई ने उस वक्त हिंसक रूप ले लिया जब स्थानीय निवासियों के एक समूह ने नगर निगम और पुलिस की टीम पर हमला बोल दिया। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच तेज करते हुए छह और उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद इस हिंसा में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ उनका अभियान रुकने वाला नहीं है।
तड़के शुरू हुई कार्रवाई और अचानक भड़की हिंसा
घटनाक्रम की शुरुआत सात जनवरी को तड़के हुई, जब एमसीडी का दस्ता भारी पुलिस सुरक्षा के साथ तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पहुंचा। यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के उन आदेशों के अनुपालन में की जा रही थी, जिसमें इलाके के सार्वजनिक रास्तों और सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माणों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए थे। जैसे ही निगम के बुलडोजर और कर्मचारियों ने अवैध ढांचों को गिराना शुरू किया, वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा होने लगी।
शुरुआत में विरोध केवल नारेबाजी तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने एमसीडी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। संकरी गलियों और छतों से पत्थर बरसाए जाने के कारण सुरक्षाबलों को संभलने का मौका कम मिला। इस हिंसक झड़प में एसएचओ (थाना प्रभारी) समेत पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को अंततः लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी और नई गिरफ्तारियां
हिंसा के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी थी। प्राथमिक जांच और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने पहले पांच लोगों को हिरासत में लिया था। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने अब छह और मुख्य संदिग्धों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए नए आरोपियों की पहचान अफान (पुत्र इकबाल), आदिल (पुत्र आमिल), शाहनवाज (पुत्र मोह वाली), हमजा (पुत्र मोह कामिल), अतहर (पुत्र नदीम) और उबेद (पुत्र अब्दुल सुभान) के रूप में हुई है।
इन सभी आरोपियों पर दंगा करने, सरकारी काम में बाधा डालने, लोक सेवकों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन व्यक्तियों की भूमिका पथराव को उकसाने और भीड़ का नेतृत्व करने में संदिग्ध पाई गई है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस बवाल के पीछे की किसी बड़ी साजिश या मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।
भारी सुरक्षा के बीच अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी
तुर्कमान गेट इलाके में तनावपूर्ण शांति के बीच एमसीडी का दस्ता आज भी अपने काम पर डटा रहा। पुलिस की भारी मौजूदगी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच अवैध निर्माणों को ढहाने का काम निरंतर जारी है। एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस को जानकारी दी कि यह अभियान पूरी तरह से न्यायिक आदेशों के तहत चलाया जा रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि संकरी गलियों में अवैध अतिक्रमण के कारण न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियों को भी भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।
निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक चिन्हित किए गए सभी अवैध निर्माण और अतिक्रमण पूरी तरह से हटा नहीं दिए जाते, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। आज की कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च निकाला है ताकि आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव बना रहे और असामाजिक तत्व दोबारा सक्रिय न हो सकें।
साक्ष्यों का संकलन और फरार आरोपियों की तलाश
दिल्ली पुलिस इस मामले में किसी भी दोषी को छोड़ने के मूड में नहीं है। जांच टीम ने न केवल सरकारी कैमरों बल्कि स्थानीय लोगों के मोबाइल वीडियो और निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी कब्जे में ले लिए हैं। इन वीडियो के जरिए पुलिस उन चेहरों की पहचान कर रही है जो भीड़ में पत्थर फेंकते या पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस की कई टीमें फिलहाल फरार चल रहे अन्य संदिग्धों की तलाश में दिल्ली के विभिन्न इलाकों और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल कई लोग अपने घरों से फरार हैं, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी तय है। पुलिस ने स्थानीय प्रभावशाली लोगों और धार्मिक नेताओं से भी शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें और कानून का सम्मान करें
इस संवेदनशील घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस के साइबर सेल की टीम सक्रिय हो गई है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी भड़काऊ पोस्ट या अपुष्ट जानकारी पर ध्यान न दें। तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण विरोधी अभियान किसी विशेष वर्ग या समूह के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक भूमि को कब्जों से मुक्त कराने की एक कानूनी प्रक्रिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने या जांच में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था को अगले कुछ दिनों तक इसी तरह कड़ा रखने का निर्णय लिया गया है।