रोजाना एक मुट्ठी बादाम खाने से मिल सकते हैं 5 फायदे, दिल से लेकर स्किन तक को मिलता है पोषण
शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए संतुलित डाइट बेहद जरूरी है। रोजमर्रा के खानपान में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं, जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद करते हैं। बादाम भी ऐसा ही एक विकल्प है। इनमें हेल्दी फैट्स, प्रोटीन, फाइबर और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। खासतौर पर सर्दियों में बादाम को लोग अपनी डाइट में शामिल करना पसंद करते हैं।
बादाम को नाश्ते के साथ, शाम के स्नैक के तौर पर या सफर के दौरान आसानी से खाया जा सकता है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में नियमित रूप से बादाम खाने से जुड़े कुछ संभावित फायदों के बारे में बताया है। उनके मुताबिक, सीमित मात्रा में बादाम खाने से दिल, पाचन, ब्लड शुगर और भूख को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
रोजाना बादाम खाने से शरीर को क्या फायदे मिल सकते हैं?
1. दिल की सेहत को मिल सकता है फायदा
बादाम में मौजूद असंतृप्त यानी हेल्दी फैट्स कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर सौरभ सेठी के मुताबिक, एक मेटा-एनालिसिस में बादाम खाने से LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल में लगभग 5 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर की कमी देखी गई।
हालांकि, कोलेस्ट्रॉल पर इसका असर व्यक्ति की डाइट, जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। बादाम को दिल की सेहत के लिए संतुलित खानपान का हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन यह किसी दवा का विकल्प नहीं है।
2. पाचन और पेट की सेहत को सपोर्ट करते हैं
बादाम में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। डॉक्टर सेठी के अनुसार, लगभग 23 बादाम यानी एक मुट्ठी बादाम से करीब 4 ग्राम फाइबर मिल सकता है।
फाइबर आंतों की सेहत को सपोर्ट करता है और नियमित मल त्याग में मददगार हो सकता है। हालांकि, जिन लोगों को बादाम खाने से पेट में परेशानी होती है, उन्हें इसकी मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
3. ब्लड शुगर के स्तर को संभालने में मदद
बादाम में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है और इसमें फैट, प्रोटीन तथा फाइबर मौजूद होते हैं। भोजन के साथ बादाम खाने से खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज में तेजी से होने वाली बढ़ोतरी को कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉक्टर सेठी ने भी कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन के साथ बादाम खाने से ग्लूकोज स्पाइक कम होने की संभावना का उल्लेख किया है। हालांकि, डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपनी दवा, भोजन और ब्लड शुगर की निगरानी डॉक्टर की सलाह के अनुसार करनी चाहिए।
4. भूख नियंत्रित रखने में मददगार
बादाम में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर सेठी के मुताबिक, एक मुट्ठी बादाम से लगभग 6 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है।
इस वजह से बादाम को बीच-बीच में लगने वाली भूख के लिए एक पौष्टिक स्नैक के तौर पर शामिल किया जा सकता है। हालांकि, बादाम में कैलोरी भी होती है, इसलिए इसे जरूरत से ज्यादा खाने के बजाय उचित मात्रा में लेना बेहतर है।
5. त्वचा की सेहत के लिए भी उपयोगी
बादाम में विटामिन ई और एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को ऑक्सिडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभाते हैं। डॉक्टर सेठी ने एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए बताया कि 24 सप्ताह बाद झुर्रियों की गंभीरता में 16 प्रतिशत तक कमी देखी गई।
यह परिणाम किसी एक अध्ययन से जुड़ा है और इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बादाम खाने से हर व्यक्ति की त्वचा पर समान असर होगा। त्वचा की सेहत के लिए संतुलित डाइट, पर्याप्त पानी, नींद और धूप से बचाव भी महत्वपूर्ण हैं।
बादाम खाने का सही तरीका क्या है?
बादाम को अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार कई तरीकों से खाया जा सकता है। कुछ लोग इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाते हैं, जबकि कुछ लोग रोस्ट किए हुए बादाम पसंद करते हैं। इन्हें नाश्ते, दही या शाम के स्नैक में भी शामिल किया जा सकता है।
बादाम भिगोकर खाना जरूरी नहीं है। भिगोने से उनकी बनावट नरम हो जाती है, लेकिन पोषण पाने के लिए सूखे या हल्के रोस्ट किए बादाम भी खाए जा सकते हैं। नमक या चीनी की अधिक मात्रा वाले फ्लेवर्ड बादाम के बजाय सादे बादाम चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है।
कितने बादाम खाना ठीक है?
आम तौर पर एक छोटी मुट्ठी बादाम, लगभग 20 से 23 बादाम, रोजाना खाने की मात्रा के तौर पर बताई जाती है। हालांकि, सही मात्रा व्यक्ति की कुल कैलोरी जरूरत, उम्र, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
बादाम पौष्टिक जरूर हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए। जिन्हें बादाम से एलर्जी है, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या डाइट संबंधी जरूरत के लिए डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।
