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झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में सीटेट पास अभ्यर्थी होंगे शामिल

झारखंड हाई कोर्ट ने सीटेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी संघ की ओर से दायर जनहित याचिका पर बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने सहायक आचार्य की होने वाली नियुक्ति परीक्षा में सीटेट पास अभ्यर्थी या झारखंड के पड़ोसी राज्य से टेट परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है।

कोर्ट ने कहा कि यदि इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो जाती है तो उन्हें तीन साल में प्रथम प्रयास में ही झारखंड टेट (जेटेट) परीक्षा पास करनी होगी। यदि झारखंड सरकार तीन साल में जेटेट परीक्षा आयोजित नहीं करती है तो अभ्यर्थियों पर यह शर्त लागू नहीं होगी। अभ्यर्थियों को सहायक आचार्य परीक्षा की तैयारी के लिए तीन माह का समय दिया जायेगा। कोर्ट ने कहा कि सरकार हर साल जेटेट परीक्षा आयोजित करे।

कोर्ट ने मामले को निष्पादित कर दिया। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि चूंकी झारखंड में आठ वर्षों से राज्य सरकार ने जेटेट की परीक्षा नहीं ली है। कोर्ट ने कहा कि वैसे अभ्यर्थी जिन्होंने सीटेट परीक्षा पास की है या झारखंड के पड़ोसी राज्य से टेट परीक्षा पास की है, वे सहायक आचार्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसे अभ्यर्थी चयनित हो जाते हैं और नियुक्त होते हैं तो उन्हें तीन वर्ष के भीतर पहले प्रयास में ही झारखंड सरकार द्वारा आयोजित जेटेट परीक्षा पास करनी होगी।

अभ्यार्थियों को सहायक आचार्य परीक्षा में परीक्षा की तैयारी के लिए तीन माह का समय दिया जायेगा। यदि तीन साल में राज्य सरकार जेटेट परीक्षा नहीं लेती है तो अभ्यर्थियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी। कोर्ट के आदेश पारित किये जाने के क्रम में महाधिवक्ता राजीव रंजन ने सरकार के उच्च अधिकारियों से दिशा निर्देश लिया, उसके बाद कोर्ट के आदेश पर अपनी सहमति जतायी।

याचिकाकर्ता का कहना था कि झारखंड सरकार ने वर्ष 2016 के बाद टेट परीक्षा नहीं ली है लेकिन राज्य में शिक्षक नियुक्ति परीक्षा शुरू हो गई है, इसके लिए आवेदन मंगाये जा रहे हैं। इसलिए शिक्षक नियुक्ति में सीटेट पास अभ्यर्थियों को भी शामिल होने दिया जाये या झारखंड सरकार सीटेट परीक्षा का आयोजन कराये।याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया कि 23 अगस्त, 2010 के एनसीटीई की गाइडलाइन में प्रोविजन है कि यदि राज्य सरकार टेट परीक्षा नहीं लेती है तो दूसरे राज्य से टेट परीक्षा या केंद्र सरकार से सीटेट पास अभ्यर्थियों को नियुक्ति में कंसीडर किया जायेगा।

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