बैंक धोखाधड़ी मामले में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा, विधानसभा सदस्यता समाप्त
Rouse Avenue Court ने ग्रामीण बैंक धोखाधड़ी मामले में कांग्रेस विधायक Rajendra Bharti और सह-आरोपी रघुबीर शरण प्रजापति को तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने भारती पर 1 लाख रुपये और प्रजापति पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विशेष न्यायाधीश (MP-MLA) दिग विनय सिंह ने दोनों को धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया। अदालत ने भारती को भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के साथ 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी पाया।
सह-आरोपी रघुबीर शरण प्रजापति को भी अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई गई है, जिसमें जालसाजी और धोखाधड़ी के मामलों में तीन वर्ष तक की कैद और कुल 2.5 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है। मामले की तीसरी आरोपी सावित्री श्याम का ट्रायल के दौरान निधन हो गया।
यह मामला जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक द्वारा 29 जुलाई 2015 को दर्ज शिकायत से जुड़ा है। आरोप था कि सावित्री श्याम और उनके बेटे राजेंद्र भारती ने सावधि जमा (FD) की शर्तों का उल्लंघन करते हुए वर्षों तक अनुचित तरीके से ब्याज निकाला। अभियोजन के अनुसार, ट्रस्ट से जुड़े इस खाते से लगभग 18.5 लाख रुपये अवैध रूप से निकाले गए।
इस सजा के बाद Madhya Pradesh विधानसभा ने Datia से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।
विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर Election Commission of India को सूचित कर दिया है कि सीट रिक्त हो चुकी है। अब इस सीट पर उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई है।
इधर, कांग्रेस नेता Kapil Sibal और Vivek Tankha के जरिए इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। पार्टी का प्रयास सजा पर रोक लगवाने का होगा, जिससे भारती की सदस्यता बहाल हो सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया जैसी महत्वपूर्ण सीट का खाली होना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है और आने वाले उपचुनाव में सियासी समीकरण बदल सकते हैं।