सीएम योगी का बड़ा तोहफा: शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार, अनुदेशकों को 17 हजार रुपये महीना – अप्रैल 2026 से लागू
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को लंबे समय से चली आ रही मांग पर बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि अप्रैल 2026 से शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा, जबकि अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये महीना किया जाएगा।यह फैसला प्रदेश के हजारों शिक्षाकर्मियों के लिए होली का तोहफा साबित हुआ है, क्योंकि लंबे समय से ये दोनों वर्ग मानदेय बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने इनके हित में यह कदम उठाया है और इसके लिए आवश्यक बजट व्यवस्था की गई है।
यूपी में कितने शिक्षा मित्र और अनुदेशक?
- उत्तर प्रदेश में वर्तमान में करीब 1 लाख 43 हजार (लगभग 1.43 लाख से 1.47 लाख) शिक्षा मित्र कार्यरत हैं।
- जूनियर हाई स्कूलों में 24 हजार से अधिक अनुदेशक संविदा पर काम कर रहे हैं।
शिक्षा मित्रों को पहले 10 हजार रुपये मानदेय मिलता था, जबकि अनुदेशकों को मात्र 7-9 हजार रुपये के आसपास। अब इस बढ़ोतरी से इनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
शिक्षा मित्रों की पुरानी पृष्ठभूमिशिक्षा मित्रों की नियुक्ति मायावती सरकार के समय हुई थी, जहां उन्हें ट्रेनिंग दी गई। 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इन्हें सहायक शिक्षक बना दिया था, लेकिन RTE एक्ट के तहत TET पास न होने के कारण हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रहा और सहायक शिक्षकों की भर्ती रद्द हो गई। इसके बाद ये सभी शिक्षा मित्र बन गए और 10 हजार रुपये मानदेय पर काम कर रहे थे (पहले सहायक शिक्षक के रूप में 50 हजार रुपये मिलते थे)।अन्य लाभ भी मिलेंगेसीएम योगी ने संबोधन में बताया कि शिक्षकों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जाएगी। साथ ही आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है।यह घोषणा शिक्षा क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और लाखों परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अप्रैल 2026 से नई सैलरी लागू होने पर इन कर्मचारियों की सेवा और मनोबल में और इजाफा होगा।