सीएम योगी ने गोरक्षनाथ मंदिर में की गुरु पूजा
भारतीय सनातन परंपरा में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर बताया गया है। प्रत्येक साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का यह त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता यह है की पूर्णिमा के दिन वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसे गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। “गु” का अर्थ अन्धकार या अज्ञान होता है और “रु” का अर्थ रोशनी होता है, अथार्थ एक गुरु ही हमें अज्ञानी से ज्ञानी बनाता है और अंधकार से रोशनी की ओर ले जाता है।

यह हम सभी जानते है की हम सभी के जीवन निर्माण में गुरुओं की अहम भूमिका होती है। संत कबीरदास लिखते हैं- गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। मतलब, गुरु और गोविंद (प्रभु) एक साथ खड़े हों तो किसके चरणों में प्रणाम करना चाहिए? इसका जवाब वो अगली पंक्ति में लिखते हैं- बलिहारी गुरु अपने, गोविंद दियो बताए। यानी, ऐसी स्थिति हो तो गुरु के चरणों में प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि उनके ज्ञान से ही आपको गोविंद के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
2023 में गुरु पूर्णिमा का यह पवित्र त्यौहार 3 जुलाई को मनाया जा रहा है। गुरु पूर्णिमा के दिन सभी आपने गुरुओं की पूजा करते है और उनका आशीर्वाद लेते है।
गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने की गुरु की पूजा
गुरु पूर्णिमा के दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर जाकर विधि विधान से गुरु पूजा की। वहीं उन्होंने गौ सेवा भी की। सीएम ने मंदिर परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के दरबार में भी जाकर उनके दर्शन किये।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में अपने गुरुजनों की पूरे विधि-विधान से पूजा करके उनका भी आशीर्वाद लिया। सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में आये हुए लोगों की समस्याओं को भी सुना। आप सभी को बता दे की सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में तीन दिन के दौरे पर है और यह उनका दूसरा दिन है।




