जापान दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ: बिना प्याज-लहसुन वाला शुद्ध शाकाहारी भोजन, जापानी शेफ को दिए गए कड़े निर्देश; टोक्यो में हुआ गर्मजोशी से स्वागत
टोक्यो: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जापान पहुंच चुके हैं। बुधवार (25 फरवरी 2026) को टोक्यो पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह उनकी जापान की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश आकर्षित करना, औद्योगिक सहयोग मजबूत करना और उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
खान-पान में सख्ती: बिना प्याज-लहसुन का सात्विक भोजनमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सख्त खान-पान नियमों का पालन जापान में भी जारी रखेंगे। उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें शुद्ध शाकाहारी और बिना प्याज-लहसुन वाला भोजन परोसा जाएगा। भारतीय दूतावास ने इसकी पूरी तैयारी की है।
- नाश्ते का मेन्यू: जापानी शेफ को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि भोजन पूरी तरह सात्विक हो।
- विशेष आइटम्स: पारंपरिक जापानी मिसो सूप (शाकाहारी वर्जन), टोफू (पनीर जैसा), उबली हुई ताजी सब्जियां और सोया दूध।
- सुबह की शुरुआत: हर्बल चाय या गर्म पानी से। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि सीएम योगी का भोजन उनके नियमों के अनुरूप रहे और पौष्टिक भी हो।
टोक्यो में भव्य स्वागतटोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री का स्वागत भारत की राजदूत नागमा एम. मलिक, यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिडेरा और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने किया। यह यात्रा सिंगापुर दौरे (23-24 फरवरी) के बाद है, जहां उन्होंने 6000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए थे।
यात्रा का मुख्य फोकस
- निवेशकों से मुलाकात और यूपी में निवेश के अवसरों का प्रचार।
- ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में सहयोग।
- पिछले 9 वर्षों की नीतिगत सुधारों से यूपी को वैश्विक निवेश हब बनाने का संदेश।
- रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना।
अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा उत्तर प्रदेश की वैश्विक छवि को और मजबूत करेगा और राज्य को उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि “उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि” से यूपी के साथ नए संबंध स्थापित होंगे।