मेरठ, 24 नवंबर 2025: पति के जन्मदिन वाले दिन ही एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। हत्या के आरोप में जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया है। लेकिन उसके मां बनने की ये घड़ी जितनी शांत दिखाई देती है, उसके पीछे उतनी ही भयावह कहानी दबे स्वर में सियासत, समाज और पुलिस सिस्टम के बीच गूंज रही है। नीले ड्रम, सीमेंट और छुपाए […]Read More
Feature Post
21 नवंबर 2025, नई दिल्लीअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भारत में हैं, और उनका ये दौरा सिर्फ टूरिज्म नहीं, बल्कि ग्लैमर, बिजनेस और बॉलीवुड का अनोखा मेल लग रहा है। आगरा के ताजमहल से शुरू हुई यात्रा जामनगर के विशाल वनतारा पहुंची, जहां अंबानी परिवार ने रेड कार्पेट बिछाया। अब सारी नजरें उदयपुर पर टिकी हैं, जहां एक मेगा डेस्टिनेशन वेडिंग होने वाली है। कड़ी सिक्योरिटी, सेलिब्रिटी गेस्ट लिस्ट और ट्रंप […]Read More
अमेरिकी योजना: गाजा को दो हिस्सों में बांटने का खाकाद गार्डियन की रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि अमेरिका गाजा को स्थायी रूप से दो जोनों में बांटने की योजना बना रहा है। पूर्वी हिस्सा ‘ग्रीन जोन’ बनेगा, जहां इजराइली सेना के साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल (ISF) तैनात होंगे। यहां पुनर्निर्माण की शुरुआत होगी, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। अमेरिकी सैन्य दस्तावेजों के अनुसार, येलो लाइन के पूर्व में यह जोन होगा, जहां शुरुआत में सैकड़ों विदेशी […]Read More
संयुक्त राष्ट्र का दोहरा रुख: शेख हसीना की फांसी की
18 नवंबर 2025, जिनेवा: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया ने बहस छेड़ दी है। अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने हसीना को 2024 के छात्र आंदोलन पर क्रूर दमन के लिए दोषी ठहराया, लेकिन UN ने फैसले को पीड़ितों के लिए ‘महत्वपूर्ण क्षण’ तो बताया, वहीं मृत्युदंड पर खेद जताया। क्या यह न्याय की जीत है या राजनीतिक बदला? हसीना ने फैसले को ‘पक्षपाती’ […]Read More
शंघाई (Shanghai) की वुलुमुकी रोड (Wulumuqi Road) पर मोमबत्तियों की रोशनी में शुरू हुई शोक सभा कुछ ही पलों में चीन (China) की कठोर कोविड नीतियों के खिलाफ एक बड़े विद्रोह में बदल गई। 26 नवंबर 2022 की वह रात इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों ने खाली A4 कागजों के साथ अभिव्यक्ति की आजादी की मांग की। लेकिन सुबह होते-होते सड़कें सूनी पड़ गईं, भीड़ गायब हो गई और डिजिटल […]Read More






