कार्तिक कृष्ण पक्ष में तीन और कार्तिक शुक्ल पक्ष में दो त्योहार को पंच दिवस त्योहार कहा जाता है। इन पंच पर्वों में प्रथम दिन धन तेरस, रूप चौदस, दीवाली, अन्नकूट तथा अंतिम दिन यम द्वितीया या भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी कनखल के संस्थापक डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार पंच पर्वों की इस श्रृंखला में शुक्रवार 10 नवंबर को धन तेरस का पर्व मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन […]Read More
राजधानी में नंदी पर शिवजी विराजमान रहेंगे तो हनुमान जी
राजधानी जयपुर में दिवाली को लेकर बाजार सज चुके हैं और साथ ही खरीदारी करने के लिए जयपुर समेत आसपास के इलाकों से भी काफी संख्या में लोग मुख्य बाजारों में पहुंच रहे हैं। इस मौके पर स्थानीय निवासियों के साथ साथ देशी विदेशी सैलानी भी जयपुर की विश्व प्रसिद्ध रोशनी का देखने लाखों की संख्या में पहुंचेगे। शहर को चकाचौंध रोशनी में रंगने के लिए जयपुर व्यापार महासंघ की ओर से अलग-अलग एरिया में […]Read More
नए जमाने की हवा भले ही पुराने रीति-रिवाजों को पीछे छोड़ने पर उतारू हो मगर दीपावली पर आज भी मिट्टी के एक छोटे से दीपक की लौ के आगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चका-चौंध के बाजार की चमक फीकी ही है। कोई भी त्योहार हो, कुम्हारों के चाक और बर्तनों के बिना पूरे नहीं होते। ऐसी मान्यता है कि मिट्टी का दीपक जलाने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। कुम्हार के […]Read More
गाय के गोबर से बने दीये से रोशन होंगे अमेरिका
गोबर के दीए से इस बार प्रवासी भारतीयों के घर-आंगन रौशन करने की तैयारी है। इसके लिए विदेशों में बसे भारतीयों के लिए अकेले जयपुर से 20 लाख दीये निर्यात किए गए हैं। ये दीये टोंक रोड स्थित श्रीपिंजरापोल गौशाला परिसर में सनराइज आर्गेनिक पार्क में बनाए गए हैं। पिछले करीब छह माह से महिला स्वयं सहायता समूहों की दर्जनों महिलाएं इन इको-फ्रेंडली दीपकों का निर्माण कर रही हैं। हैनिमैन चैरिटेबल मिशन सोसाइटी व आईआईएएएसडी […]Read More
रांची नगर निगम छठ पूजा से पहले 30 लाख रुपये की लागत से चार प्रमुख तलाबों का सौंदर्यीकरण करेगा। इसमें जेल तालाब, चडरी तालाब , अरगोड़ा तालाब और स्वर्ण रेखा छठ तालाब शामिल हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर में रांची छोटे- बड़े 70 जलाशय हैं। कई जलाशय ऐसे भी हैं, जिनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, जिसके कारण छठ करने वाले नागरिकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसलिए […]Read More






