कोलकाता में 24 दिसंबर को होने वाले “एक लाख लोगों के गीतापाठ” की तैयारी शनिवार से ही शुरू हो गई है। शनिवार को गंगा घाट पर हरियाणा के कुरूक्षेत्र से लाई गई मिट्टी मिलाई गई। फिर साधु-संतों ने गंगा जल और मिट्टी लेकर बाबूघाट से ब्रिगेड तक शोभायात्रा निकाली। 24 दिसंबर को गीता जयंती के दिन विभिन्न संगठनों ने ब्रिगेड में गीता पाठ का कार्यक्रम तय किया है। पीएम नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर […]Read More
मिथिला में अयोध्या से आएंगे श्रीराम, तेज हुईं पांच दिवसीय
सांस्कृतिक विशेषताओं और लोक कला की भूमि मिथिला के घर-घर में मैथिली विवाह गीत गूंजने लगे हैं। यह तैयारी की जा रही है अगहन शुक्ल पक्ष पंचमी के दिन होने वाले जानकी विवाह महोत्सव के लिए। इस वर्ष दिसम्बर को राम जानकी विवाह महोत्सव होना है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और मिथिला की बेटी माता जानकी के विवाह के इस पावन बेला की तैयारी काफी तेजी से चल रही है। यह दिन भले ही सीता और […]Read More
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पहुंची मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर
राजधानी के मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर में शनिवार को पुष्य पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक में शामिल होने के लिए राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी गणेश मंदिर पहुंचीं। वसुंधरा ने मंदिर महंत कैलाश शर्मा का आशीर्वाद भी लिया। वहीं मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाया। पुष्याभिषेक के दौरान राजे यहां मौजूद रहीं। वसुंधरा राजे की नतीजों से पहले की इस सक्रियता के मायने निकाले जा रहे हैं। वसुंधरा राजे सुबह […]Read More
बनकटी हनुमान मंदिर में मानस के दोहे और चौपाइयों की
अगहन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर शनिवार को दुर्गाकुंड स्थित प्राचीन बनकटी हनुमान मंदिर में श्रीरामचरितमानस नवान्ह पारायण पाठ का शुभारंभ हुआ। प्रातः काल 8:00 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित गया प्रसाद मिश्र ने श्री रामचरितमानस की पोथी, मानस पाठ के आचार्य पंडित श्याम सुंदर पांडेय सहित मानस पाठ करने वाले ब्राह्मणों का माल्यार्पण एवं पूजन किया। इस अवसर पर प्रधान पुजारी ने बताया कि श्रीराम विवाह पंचमी के उपलक्ष्य में […]Read More
कार्तिक पूर्णिमा पर स्वर्ण रेखा सहित अन्य नदियों में लगी
रांची में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर स्वर्ण रेखा नदी सहित अन्य नदियों में सोमवार अहले सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी है। सुबह से ही महिलाएं, पुरुष और बच्चे स्वर्ण रेखा नदी पहुंचकर स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भुवन भास्कर को अर्घ्य दिया। इसके अलावा कई लोग परिवार के साथ वहीं पर भगवान सत्यनारायण की कथा सुनते देखे गए। साथ ही कई लोग स्वर्ण रेखा नदी में स्नान-दान और पूजा-अर्चना भी […]Read More






