भारत पक्षियों के लिहाज से एक अनूठी विविधता वाला का देश है। यहां के विविध भौगोलिक इलाकों में पक्षियों की बहुरंगी प्रजातियां निवास करती हैं। उत्तर में बर्फ से ढके हिमालय से लेकर दक्षिण में पश्चिमी घाट के मनमोहक जंगलों तक, और पश्चिम में राजस्थान के शुष्क रेगिस्तानों से लेकर उत्तर-पूर्व की हरी-भरी आर्द्रभूमि तक। भारत का पक्षी जगत इसके भूगोल की तरह ही विविधताओं से भरा है। स्टेट ऑफ इंडियाज बर्ड्स (एसओआईबी) 2023 की […]Read More
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चिंतन में स्वच्छता, ग्राम स्वराज, कृषि, पशुपालन, वंचितों का उत्थान आदि अनेक पहलू शामिल थे। वह देश को स्वतंत्र कराने के साथ ही साथ समरस और समृद्ध समाज का निर्माण भी चाहते थे, जिसमें किसी को भी जीवन की मूलभूत सुविधाओं का अभाव झेलना ना पड़े। जब वह स्वच्छता की बात करते थे, तब उसमें निरोग विषय भी शामिल हुआ करता था। नरेन्द्र मोदी सरकार ने हर घर नल से जल […]Read More
क्या देश के अगले आम चुनाव के लिए दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नया प्रयोग करने जा रही है? क्या यही प्रयोग राजस्थान व छत्तीसगढ़ में भी होगा? मध्य प्रदेश विधानसभा उम्मीदवारों की हालिया सूची में बड़े-बड़े नाम यहां तक केन्द्रीय मंत्री, सांसद और संगठन के छत्रपों के जारी हुए हैं। इससे न केवल दूसरे प्रतिद्वंद्वी दलों की सांसें अटकी हुईं हैं बल्कि खुद भाजपा के संभावित दावेदार भी […]Read More
महात्मा गांधी की पहचान विश्व मानवता को प्राण देने के लिए निरंतर संघर्षरत एक ऋषि और राजनेता की है। गांधी के समस्त तप को हिंद स्वराज से अलग होकर के नहीं समझा जा सकता है। वस्तुत गांधी की छोटी किताब धरती पर रामराज्य लाने की अवधारणात्मक प्रस्तुति है। यह पश्चिमी जीवन सृष्टि के प्रतिकार में एक ऐसी सनातन पद्धति का प्रस्ताव है जिसका उद्देश्य लोक कल्याणकारी राज और समाज दोनों ही की निर्मिति है। गांधी […]Read More
भारत की आजादी का अमृत महोत्सव हर भारतीय के लिए जहां गर्व का क्षण है वहीं आत्म-निरीक्षण का अवसर भी प्रस्तुत करता है । पराधीनता की देहरी लांघ कर स्वाधीनता के परिसर में आना निश्चय ही गौरव की बात है । लगभग दो सदियों लम्बे अंग्रेजों के औपनिवेशिक परिवेश ने भारत की जीवन पद्धति को शिक्षा, कानून और शासन व्यवस्था के माध्यम से इस प्रकार आक्रांत किया था कि देश का आत्मबोध निरंतर क्षीण होता […]Read More





