• March 17, 2026

कैप्टन अमरिंदर सिंह का बीजेपी पर तीखा हमला: दिल्ली से फैसले, जमीनी नेताओं की अनदेखी

बीजेपी की कार्यप्रणाली पर सवाल: ‘पार्टी कठोर और कम लचीली’
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बीजेपी में सभी महत्वपूर्ण फैसले दिल्ली से लिए जाते हैं और जमीनी स्तर के नेताओं से कोई सलाह-मशवरा नहीं होता। कैप्टन ने पार्टी को ‘कठोर’ (rigid) बताते हुए कहा कि निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और अनुभवी नेताओं की राय को नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने कांग्रेस की तुलना में बीजेपी को कम लचीला बताया, जहां विचार-विमर्श की संस्कृति अधिक मजबूत थी। यह बयान पंजाब बीजेपी के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि कैप्टन राज्य में पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।
कांग्रेस वापसी की अटकलों को खारिज: ‘सवाल ही नहीं उठता’
कैप्टन की इस आलोचना से कांग्रेस में उनकी वापसी की चर्चाएं तेज हो गईं, लेकिन उन्होंने इसे स्पष्ट शब्दों में नकार दिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में लौटने का कोई सवाल ही नहीं है।” कारण बताते हुए कैप्टन ने 2021 की घटना को याद किया, जब कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से अपमानजनक तरीके से हटाया था। नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू पर निशाना साधते हुए कैप्टन ने उन्हें ‘अस्थिर’ करार दिया। सिद्धू को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें राजनीति छोड़कर क्रिकेट कमेंट्री करनी चाहिए। कैप्टन का यह बयान दर्शाता है कि कांग्रेस से उनकी नाराजगी आज भी बरकरार है।
पीएम मोदी की तारीफ, पंजाब में अकाली दल से गठबंधन की वकालत
बीजेपी की आलोचना के बावजूद कैप्टन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी का पंजाब के प्रति विशेष लगाव है और वे राज्य के विकास के लिए कुछ भी कर सकते हैं। पंजाब की वर्तमान राजनीति पर बोलते हुए कैप्टन ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन की जरूरत पर जोर दिया। उनका मानना है कि पंजाब में स्थिर सरकार और सुरक्षा के लिए यह गठबंधन आवश्यक है। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर हमला बोलते हुए कैप्टन ने कहा कि फ्रीबीज की नीति से राज्य ‘भिखारी’ बन गया है।
यह बयान 12 दिसंबर 2025 को सामने आया, जो पंजाब की सियासत में नई हलचल पैदा कर रहा है। कैप्टन 2022 में अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का बीजेपी में विलय कर शामिल हुए थे। स्वास्थ्य कारणों से 2024 लोकसभा चुनाव में कम सक्रिय रहे, लेकिन अब वे 2027 की तैयारी में जुटे दिख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैप्टन का यह बयान बीजेपी की पंजाब रणनीति में बदलाव का संकेत हो सकता है। पार्टी को जमीनी फीडबैक को महत्व देने की जरूरत है, वरना पंजाब जैसे महत्वपूर्ण राज्य में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
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