पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत पहुंचा 15,400 टन LPG से लदा टैंकर, होर्मुज पार कर सुरक्षित आया
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 15,400 टन एलपीजी लेकर भारतीय ध्वज वाला टैंकर ग्रीन आशा सफलतापूर्वक Strait of Hormuz पार कर भारत पहुंच गया है। इस टैंकर के आगमन से देश में घरेलू गैस आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Jawaharlal Nehru Port Authority (जेएनपीए) ने गुरुवार को इस टैंकर का स्वागत किया। प्राधिकरण के अनुसार, टैंकर ने 6 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया था। इसी दिन ग्रीन सानवी नामक एक अन्य टैंकर भी इस मार्ग से गुजरा था, जो पहले ही भारत पहुंच चुका है।
युद्ध के बीच सुरक्षित सफर
पश्चिम एशिया में Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि, कुछ चुनिंदा देशों को यहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है, जिनमें भारत भी शामिल है।
जेएनपीए ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहला एलपीजी टैंकर है जो सुरक्षित रूप से इस बंदरगाह तक पहुंचा है। टैंकर ने बीपीसीएल-आईओसीएल द्वारा संचालित तरल बर्थ पर लंगर डाला।
चालक दल और माल सुरक्षित
प्राधिकरण ने पुष्टि की कि जहाज, उसका माल और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह सफल संचालन जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद भारत की समुद्री क्षमता और ऊर्जा आपूर्ति प्रबंधन को दर्शाता है।
ऊर्जा आपूर्ति में जेएनपीटी की अहम भूमिका
Jawaharlal Nehru Port, जिसे जेएनपीटी या न्हावा शेवा बंदरगाह के नाम से भी जाना जाता है, देश के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है। यह कंटेनर और तरल कार्गो हैंडलिंग के साथ भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है, जिसका प्रभाव भारत में भी देखने को मिला। हालांकि, सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से तेल और गैस खरीदकर आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास तेज किए हैं।