• January 2, 2026

अमेरिका पर कम भरोसे के कारण, भारत ने रूस से बढ़ाई नजदीकी : निक्की हेली

 अमेरिका पर कम भरोसे के कारण, भारत ने रूस से बढ़ाई नजदीकी : निक्की हेली

भारतीय मूल की अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी के लिए दावेदारी कर रही निक्की हेली ने अमेरिकी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत अमेरिका का साझेदार बनना चाहता है लेकिन कम भरोसे के कारण वह अपनी जरूरतों के लिए वह रूस से निकटता बनाए हुए है। भारतीय मूल की भाविनी पटेल और क्रिस्टल कौल भी अमेरिकी राजनीति में सक्रिय होते देखा जा सकता है।

रिपब्लिकन पार्टी की राष्ष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के लिए निक्की हेली पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने डटकर खड़ी हैं। हालांकि आयोवा, न्यू हैंपशायर की पराजय के बाद नेवादा में भी शर्मनाक हार के बाद उन्होंने अपना ध्यान अब कैलिफोर्निया प्राइमरी के लिए केंद्रित कर दिया है। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी में प्रत्याशी के लिए जो बाइडन के सामने कोई खास नहीं चुनौती हैं, लेकिन रिपब्लिंकन पार्टी में घमासान है।

नेवादा में हेली को तगड़ा झटका लगा है, लेकिन उन्होंने कहा है कि वह दौड़ से हटने वाली नहीं हैं। लॉस एंजिलिस में उन्होंने इंडोर रैली में अपने समर्थकों से कहा कि वह कहीं नहीं जा रहीं। हेली ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत बेहतर समन्वय से रूस से संबंध बनाए हुए है।

उन्होंने कहा कि मेरी पीएम नरेन्द्र मोदी से बात हुई है। भारत अमेरिका का साझेदार बनना चाहता है न कि रूस का। वहीं, ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा कि नेवादा प्राइमरी चुनाव को नजरअंदाज कर दीजिए, जनता ने हेली को शर्मनाक हार का मजा चखा दिया है। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी की दौड़ से लेखिका व अध्यात्मिक गुरु मैरिएन विलियमसन हट गई हैं। उन्होंने बुधवार को इसका एलान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि मैं प्रत्याशी बनने के लिए जो बाइडन को चुनौती दूं या सम्मानपूर्वक दौड़ से बाहर हो जाऊं। लेकिन मैंने अभियान रोकने का निश्चय कर लिया है। इस प्रकार बाइडन के सामने अब ज्ञात दावेदारों में केवल डील फिलिप्स बचे हैं।

इंडिया ऑन व्हील्स नाम से फूड ट्रक संचालित करने में अपनी मां की मदद करने वाली भारतवंशी भाविनी पटेल प्रतिनिधि सभा का चुनाव लड़ रही हैं। गुजराती मूल की 30 वर्षीया भाविनी पेन्सिलवेनिया के 12वें क्रांगेसनल डिस्ट्रक्ट से डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए दावा पेश कर रही हैं। भाविनी ने अपने अभियान के दौरान 3,10,000 डॉलर चंदा जुटाए हैं।

इसी प्रकार एक और भारतवंशी क्रिस्टल कौल वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए चुनौती पेश कर रही हैं। यह चुनाव लड़ने वाली वह पहली कश्मीरी महिला हैं। उन्होंने अभियान के दौरान 5,67,000 डालर चंदा जुटाए हैं। वह एक पूर्व अमेरिकी सेना अधिकारी और विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ हैं।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *