• January 3, 2026

Airbus Recalls 6,000 Aircraft: A320 में खतरनाक खामी का खुलासा, सोलर रेडिएशन ने उड़ानें रोक दीं, भारत भी अलर्ट

Airbus Recalls 6,000 Aircraft:  वैश्विक एविएशन उद्योग (Global Aviation Industry) एक बड़े तकनीकी संकट की चपेट में आ गया है। दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली एयरबस A320 फैमिली के लगभग 6,000 विमानों को निर्माता एयरबस (Airbus) ने तत्काल जांच और रिपेयर के लिए वापस बुला लिया है। इस गंभीर खामी का कारण है तीव्र सोलर रेडिएशन (Solar Radiation), जिसके चलते विमान के उड़ान नियंत्रण कंप्यूटर (Flight Control Computer) में डेटा करप्ट होने की समस्या सामने आई है। इस अचानक रिकॉल (Recall) के कारण कई देशों में फ्लाइट्स रद्द हो गईं और हवाई अड्डों पर अफरातफरी का माहौल बन गया है। भारत (India) की एयरलाइंस, जो A320 सीरीज का व्यापक रूप से उपयोग करती हैं, भी इस समस्या से प्रभावित हुई हैं। कुछ विमानों में केवल सॉफ्टवेयर अपडेट (Software Update) की जरूरत है, जबकि पुराने मॉडलों में हार्डवेयर रिप्लेसमेंट तक करना होगा। आखिर इस तकनीकी विफलता के पीछे सूरज की किरणें कैसे जिम्मेदार हैं? तो चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…

वैश्विक उड़ान की रीढ़ में खतरनाक तकनीकी खामी

एविएशन इंडस्ट्री (Aviation Industry) में तब सनसनी फैल गई जब एयरबस (Airbus) ने अपने सबसे सफल और सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले विमान—A320 फैमिली—के लगभग 6,000 प्लेनों में एक गंभीर तकनीकी खामी की घोषणा की। यह जेट सीरीज वैश्विक हवाई यात्रा की रीढ़ मानी जाती है, जो प्रतिदिन हजारों उड़ानें संचालित करती है। कंपनी ने बताया कि सूर्य से आने वाला तीव्र सोलर रेडिएशन (Solar Radiation) इन विमानों के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के एक महत्वपूर्ण कंप्यूटर को प्रभावित कर रहा था। इस खामी का खुलासा उस समय हुआ जब दुनिया के कई हिस्सों में तीव्र सौर गतिविधियां (Intense Solar Activity) दर्ज की गईं। यह तकनीकी त्रुटि सीधे तौर पर विमान की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। यदि उड़ान के बीच में सिस्टम में गड़बड़ी होती है, तो यह गंभीर खतरे पैदा कर सकता है। इस कारण, यह समस्या एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) में चिंता का एक बड़ा विषय बन गई है।

सोलर रेडिएशन ने बिगाड़ा विमान के ‘दिमाग’ का डेटा

एयरबस (Airbus) द्वारा जारी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, सूर्य से निकलने वाले चार्ज्ड पार्टिकल्स (Charged Particles) विमान के नियंत्रण कंप्यूटर (Control Computer) में प्रवेश कर रहे थे और उसके डेटा को करप्ट कर रहे थे। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से ELAC (Elevator Aileron Computer) पर सबसे अधिक प्रभाव देखा। यह कंप्यूटर पायलट के इनपुट को विमान के नियंत्रण सतहों तक पहुंचाता है, जो विमान की ऊंचाई (Altitude) और दिशा (Direction) को नियंत्रित करते हैं। यदि यह कंप्यूटर गलत सिग्नल पढ़ता है, तो विमान अचानक नीचे आ सकता है या नियंत्रण खो सकता है। एविएशन साइंस विशेषज्ञ डॉ. इयान गेटली (Dr. Ian Gately) ने बीबीसी (BBC) को दिए अपने बयान में चेतावनी दी कि सोलर फ्लेयर्स (Solar Flares) और कोरोनल मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejection) जैसी तीव्र सौर गतिविधियां 28,000 फीट से ऊपर उड़ने वाले विमानों के हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम (Electronic Systems) के लिए जोखिम बढ़ा देती हैं। इसी गंभीर जोखिम के कारण एयरबस ने तत्काल ग्लोबल रिकॉल (Global Recall) का फैसला लिया।

JetBlue की इमरजेंसी लैंडिंग ने खोला राज

इस पूरी तकनीकी खामी का पता तब चला जब 30 अक्टूबर (October 30) को एक JetBlue की फ्लाइट में बड़ी घटना होते-होते बची। यह विमान मेक्सिको (Mexico) से अमेरिका (USA) जा रहा था। उड़ान के दौरान, विमान अचानक अपने आप ही ऊंचाई घटाने (Altitude Drop) लगा, जिसके बाद पायलटों को तुरंत मैनुअल कंट्रोल (Manual Control) लेना पड़ा। स्थिति को गंभीर मानते हुए, विमान को टाम्पा (Tampa) में इमरजेंसी लैंडिंग (Emergency Landing) करानी पड़ी। विस्तृत जांच में पुष्टि हुई कि सोलर रेडिएशन (Solar Radiation) के कारण ELAC कंट्रोल कंप्यूटर का डेटा करप्ट हो गया था। इस घटना के बाद, EASA (यूरोपियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी) ने तुरंत निर्देश जारी किए कि जब तक सिस्टम अपडेट नहीं हो जाता, प्रभावित विमान यात्रियों को नहीं ले जा सकते। भारत (India) में भी नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइंस से उनके A320 बेड़े की तत्काल रिपोर्ट मांगी है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सॉफ्टवेयर अपडेट या हार्डवेयर रिप्लेसमेंट

एयरबस (Airbus) ने रिकॉल (Recall) किए गए विमानों की मरम्मत प्रक्रिया को तेज गति से शुरू कर दिया है। कंपनी के अनुसार, A320 फैमिली के ज्यादातर विमानों में इस समस्या को केवल एक सॉफ्टवेयर अपडेट (Software Update) के माध्यम से ठीक किया जा सकता है, जिसके लिए लगभग तीन घंटे का समय लगेगा। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि लगभग 900 पुराने प्लेन ऐसे हैं जिनमें हार्डवेयर रिप्लेसमेंट (Hardware Replacement) की जरूरत होगी और कुछ मामलों में तो पूरा कंट्रोल कंप्यूटर ही बदलना पड़ेगा। EASA ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक हर विमान को पूरी तरह सुरक्षित प्रमाणित नहीं किया जाता, तब तक उसे व्यावसायिक उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भारत (India) की प्रमुख एयरलाइंस—जैसे इंडिगो (IndiGo) और विस्तारा (Vistara) ने भी अपने बेड़े की जांच शुरू कर दी है। एयरबस (Airbus) का लक्ष्य है कि सभी अपडेट्स अगले कुछ हफ्तों में पूरे कर लिए जाएं।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *