स्वामी प्रसाद मौर्य के INDIA गठबंधन में शामिल होने पर कांग्रेस का रुख साफ, आराधना मिश्रा बोलीं- फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य को INDIA गठबंधन में शामिल करने के मुद्दे पर दोनों दलों के बीच मतभेद सामने आने लगे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने स्पष्ट किया है कि अपनी जनता पार्टी (AJP) के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य फिलहाल गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। उन्हें गठबंधन में शामिल किया जाएगा या नहीं, इसका फैसला INDIA ब्लॉक के नेता मिलकर करेंगे।
आराधना मिश्रा ने कहा कि गठबंधन में किस दल को शामिल करना है और किसे नहीं, इसका अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। उन्होंने इस मुद्दे पर किसी तरह की परेशानी से इनकार किया। उनके मुताबिक, गठबंधन को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है और सीटों पर जल्द सहमति बनने की उम्मीद है।
प्रियंका गांधी से हुई बातचीत, जल्द तय हो सकती हैं सीटें
इंडिया टीवी से बातचीत में आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन होना है और सीटों को लेकर जल्द फैसला हो सकता है।
आराधना मिश्रा ने यह भी बताया कि कांग्रेस नेताओं की प्रियंका गांधी के साथ बातचीत हुई है। हालांकि, उन्होंने सीटों की संख्या या किसी संभावित समझौते के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं स्वामी प्रसाद मौर्य
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आपत्तियों के बावजूद कांग्रेस के कुछ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के संपर्क में बने हुए हैं। हाल ही में मौर्य ने दिल्ली में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम की मदद से राहुल गांधी से मुलाकात की थी।
दो नवंबर को राजेंद्र पाल गौतम ने एक बार फिर मौर्य से मुलाकात की। इस बैठक की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मौर्य ने बताया कि दोनों के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई।
मुलाकात का बचाव करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि वह उन लोगों से मिलते रहेंगे, जिनके साथ उन्होंने लंबे समय तक सामाजिक न्याय के मुद्दों पर काम किया है। अखिलेश यादव की नाराजगी से जुड़े सवालों पर गौतम ने कहा कि वह केवल इस वजह से अपने सामाजिक संपर्क नहीं छोड़ सकते।
मौर्य को गठबंधन में शामिल करने के खिलाफ हैं अखिलेश यादव
स्वामी प्रसाद मौर्य को INDIA गठबंधन में शामिल करने के मुद्दे पर अखिलेश यादव का रुख कांग्रेस नेताओं से अलग बताया जा रहा है। अखिलेश यादव पहले ही मौर्य को गठबंधन में शामिल करने की संभावना से इनकार कर चुके हैं, जबकि कांग्रेस के नेता उनसे संपर्क बनाए हुए हैं।
इस घटनाक्रम ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच मतभेदों को चर्चा में ला दिया है। इससे पहले सीट बंटवारे को लेकर भी दोनों दलों के नेताओं के बयान सामने आए थे। कांग्रेस नेताओं ने उन सीटों की संख्या पर बात की थी, जिन पर पार्टी चुनाव लड़ना चाहती है। इन बयानों पर सपा की प्रतिक्रिया के बाद अखिलेश यादव की नाराजगी की खबरें आई थीं।
इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सीट बंटवारे को लेकर सार्वजनिक बयान देने से काफी हद तक परहेज किया। अब स्वामी प्रसाद मौर्य का मुद्दा दोनों दलों के बीच चर्चा का नया विषय बन गया है।
अखिलेश यादव ने मौर्य की दावेदारी को किया खारिज
लखनऊ में अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि क्या स्वामी प्रसाद मौर्य गठबंधन का हिस्सा होंगे, तो उन्होंने इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने मौर्य के राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों को भी बेवजह बताया और कहा कि ऐसी चर्चाओं पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
एक अन्य सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा था कि पार्टी के सीट-बंटवारे के हिसाब-किताब में मौर्य की कोई जगह नहीं होगी। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य भी कई बार अखिलेश यादव के खिलाफ बयान दे चुके हैं।
ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन की बातचीत के साथ-साथ मौर्य को लेकर जारी मतभेद भी अहम हो गए हैं। फिलहाल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर फैसला INDIA गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ दिया है।
