कौन हैं अभिजीत वंजारी? नागपुर में जीतकर कांग्रेस को दिलाई राहत, बीजेपी के सुधाकर कोहले को दी शिकस्त
नागपुर: चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच महाराष्ट्र से पार्टी के लिए राहत भरी खबर आई है। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहले को हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के पूरी तरह खाली हाथ रहने की चर्चा पर विराम लगा है। वंजारी की जीत को कांग्रेस के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि बीजेपी के लिए नागपुर और विदर्भ क्षेत्र में अपने राजनीतिक प्रदर्शन की समीक्षा करने का संकेत माना जा सकता है।
कौन हैं अभिजीत वंजारी?
अभिजीत वंजारी महाराष्ट्र की राजनीति में छात्र राजनीति से अपनी पहचान बनाने वाले नेता हैं। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से यह उनकी लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले वर्ष 2020 में भी उन्होंने इसी सीट पर जीत दर्ज की थी।
पेशे से वकील अभिजीत वंजारी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह 1998 से 2002 तक महाराष्ट्र प्रदेश नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के महासचिव रहे। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस में सचिव की जिम्मेदारी मिली।
छात्र राजनीति से आगे बढ़ते हुए वंजारी ने कांग्रेस संगठन में अपनी जगह बनाई और विधान परिषद तक पहुंचे। उनकी लगातार दूसरी जीत इस निर्वाचन क्षेत्र में उनके राजनीतिक आधार को बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
पिता भी रह चुके हैं दो बार विधायक
अभिजीत वंजारी को राजनीतिक विरासत भी मिली है। उनके पिता गोविंदराव मारोतराव वंजारी दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। पिता के राजनीतिक सफर से प्रेरित होकर अभिजीत वंजारी ने भी राजनीति में कदम रखा।
शिक्षा की बात करें तो उन्होंने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है। वह नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट और प्रबंधन परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं।
कैसे जीते अभिजीत वंजारी?
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में जीत का फैसला पहली पसंद के वोटों से नहीं हो सका। पहली पसंद के दो दौर के बाद भी कोई उम्मीदवार जीत के लिए निर्धारित 75,438 वोटों का कोटा हासिल नहीं कर पाया। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया के तहत दूसरी पसंद के वोटों और एलिमिनेशन राउंड के आधार पर मतगणना आगे बढ़ी।
मतगणना के दौरान कुल 1,65,906 वोटों में से 15,032 वोट अवैध घोषित किए गए, जबकि 1,50,874 वोट वैध पाए गए। दूसरी पसंद के एलिमिनेशन राउंड में भी कोई उम्मीदवार निर्धारित कोटा हासिल नहीं कर सका।
अंतिम गणना में पहली और दूसरी पसंद के वोटों को मिलाकर अभिजीत वंजारी को 67,231 वोट मिले। वहीं, बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 63,960 वोट हासिल हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
कांग्रेस को राहत, बीजेपी के सामने समीक्षा की चुनौती
नागपुर स्नातक सीट पर अभिजीत वंजारी की जीत ने कांग्रेस को महाराष्ट्र में राहत दी है। चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर हो रही चर्चा के बीच यह नतीजा उसके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरी ओर, नागपुर और विदर्भ क्षेत्र को बीजेपी का महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में इस सीट पर हार के बाद पार्टी के स्थानीय संगठन, उम्मीदवार और मतदाता समर्थन से जुड़े पहलुओं की समीक्षा महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी समीकरण विधानसभा चुनावों से अलग होता है। इसलिए इस जीत या हार को पूरे महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति का निर्णायक संकेत मानने के बजाय निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम के रूप में देखना अधिक उचित होगा।
