राहुल गांधी के टाटा पर बयान से गरमाई सियासत, निर्मला सीतारमण ने दी नसीहत- हर मुद्दे का राजनीतिकरण न करें
नई दिल्ली: टाटा समूह को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान के बाद देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना सोचे-समझे ‘आपराधिक’ करार देना उचित नहीं है। सीतारमण ने इस दौरान कांग्रेस के पुराने शासनकाल और उसकी आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने टाटा को लेकर क्या कहा था?
दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया था कि टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कारोबारी जगत के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर वे कब तक चुप रहेंगे।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलौने नहीं हैं। उन्होंने कारोबारी नेताओं से आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि उनमें हिम्मत की कमी हो सकती है, लेकिन कांग्रेस में ऐसा नहीं है। राहुल ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इन कथित अपराधों के लिए न्याय दिलाकर रहेगी।
निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी को क्या जवाब दिया?
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्मला सीतारमण ने एक्स पर लिखा कि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना सोचे-समझे आपराधिक करार देना स्वीकार्य नहीं है।
वित्त मंत्री ने राहुल गांधी पर भारतीय उद्योग और उद्यमियों की सफलता की आलोचना करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब राहुल कारोबारी जगत के नेताओं को भी अपने साथ जोड़कर अविश्वास और नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं?
कांग्रेस के पुराने शासनकाल पर भी साधा निशाना
निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक पार्टी ने ‘लाइसेंस-कोटा राज’ के जरिए भारतीय उद्यमियों की क्षमता और कारोबारी भावना को दबाए रखा। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था ने देश के आर्थिक विकास को प्रभावित किया और करोड़ों भारतीयों को गरीबी में धकेल दिया।
इसके विपरीत, सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार उद्योगों को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियां कारोबार को बढ़ावा देने, उद्योगों को समर्थन देने और निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं।
न्यायपालिका को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना
वित्त मंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों, नेताओं, सरकारों और संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है कि वे उद्योगों का समर्थन करें, किसानों को मजबूत बनाएं और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करें। उन्होंने राहुल गांधी से बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय रचनात्मक तरीके से मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की।
सीतारमण ने न्यायपालिका का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को न्याय की गारंटी देता है और न्यायालय इस व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कांग्रेस और उससे जुड़े पूर्व प्रधानमंत्रियों पर न्यायपालिका के प्रति अनुचित रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।
पहले भी विवादित बयान को लेकर चर्चा में रही बीजेपी-कांग्रेस की सियासत
इससे पहले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का बयान भी चर्चा में रहा था। उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। टाटा समूह को लेकर राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण के बीच हुई बयानबाजी ने एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को सुर्खियों में ला दिया है।
