KMCLU के विधिक सहायता केंद्र ने किया वन स्टॉप सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण, महिला सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्थाओं को जाना
लखनऊ: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (KMCLU), लखनऊ के विधि अध्ययन संकाय के निःशुल्क विधिक सहायता केंद्र की टीम ने लोक बंधु अस्पताल परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान टीम को महिलाओं से संबंधित अपराधों की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कानूनी सहायता और उनके संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए संचालित व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और न्याय तक उनकी पहुंच से जुड़ी संस्थागत व्यवस्थाओं को व्यावहारिक रूप से समझना था।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने टीम को दिखाई हरी झंडी
शैक्षणिक भ्रमण के लिए विश्वविद्यालय की टीम को प्रोफेसर मसूद आलम और विधि अध्ययन संकाय के अध्यक्ष डॉ. पीयूष कुमार त्रिवेदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर निःशुल्क विधिक सहायता केंद्र के समन्वयक अंशुल पांडेय तथा केंद्र की सदस्य निधि सिंह राठौड़, डॉ. राजकुमार परीचेता और डॉ. दीक्षा मिश्रा उपस्थित रहे।
वन स्टॉप सेंटर पहुंचने पर केंद्र अधीक्षक अर्चना सिंह और परामर्शदाता सोनल श्रीवास्तव ने टीम का स्वागत किया। उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
महिलाओं की शिकायत और कानूनी सहायता प्रक्रिया को समझा
भ्रमण के दौरान टीम को महिलाओं से संबंधित अपराधों की शिकायतों के पंजीकरण, पीड़ित महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने और उनके संरक्षण एवं पुनर्वास की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि संकट की स्थिति में पहुंचने वाली महिलाओं को जरूरत के अनुसार उपचार, अस्थायी आवास और परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके अलावा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके पुनर्वास को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित पाठ्यक्रमों तथा अन्य प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई।
महिला हेल्पलाइन 181 की भूमिका पर चर्चा
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की महिला हेल्पलाइन 181 के बारे में भी जानकारी दी गई। टीम को बताया गया कि महिलाएं इस हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्राप्त करने और अपनी शिकायतों के संबंध में संपर्क कर सकती हैं।
इस दौरान महिला सुरक्षा, अधिकारों के संरक्षण और संकटग्रस्त महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंचाने में हेल्पलाइन तथा वन स्टॉप सेंटर जैसी व्यवस्थाओं की भूमिका पर चर्चा की गई।
राष्ट्रपति पुरस्कार और मॉडल सेंटर की पहचान का उल्लेख
वन स्टॉप सेंटर के प्रतिनिधियों ने केंद्र की उपलब्धियों और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र को राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है और इसे उत्तर प्रदेश के मॉडल सेंटर के रूप में भी पहचान मिली है।
टीम को बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य संकट का सामना कर रही महिलाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें संरक्षण, परामर्श और पुनर्वास संबंधी सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिल सके।
विधिक जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा
इस शैक्षणिक भ्रमण से विधि अध्ययन संकाय के सदस्यों को महिलाओं से जुड़ी कानूनी समस्याओं, शिकायत निवारण की प्रक्रिया और पीड़ितों को उपलब्ध संस्थागत सहायता की व्यावहारिक जानकारी मिली।
इस प्रकार की पहल विधि के विद्यार्थियों और विधिक सहायता से जुड़े सदस्यों को महिला सुरक्षा, सामाजिक सरोकारों और न्याय तक पहुंच के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय का निःशुल्क विधिक सहायता केंद्र समाज के जरूरतमंद वर्गों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाने और कानून के प्रति समझ विकसित करने के उद्देश्य से कार्य करता है। केंद्र की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और सदस्यों में व्यावहारिक अनुभव तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित किया जाता है
