शिवसेना UBT को बड़ा झटका, राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी से दिया इस्तीफा; चुनाव आयोग के मुद्दे पर जताई नाराजगी
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT) को एक और झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने सोमवार को अपने पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। आनंद दुबे ने कहा कि चुनाव आयोग और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के मुद्दे पर पार्टी की भूमिका से वह सहमत नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ काम नहीं कर सकते।
आनंद दुबे के इस्तीफे से ऐसे समय में शिवसेना UBT को झटका लगा है, जब पार्टी INDIA गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रही है। आनंद दुबे ने मुंबई में इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने भारी मन से यह फैसला लिया है और पिछले कई महीनों से इस मुद्दे को लेकर परेशान थे।
‘चुनाव आयोग और SIR पर पार्टी की भूमिका से सहमत नहीं’
शिवसेना UBT से इस्तीफा देने के बाद आनंद दुबे ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर पार्टी के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर शिवसेना UBT की भूमिका से मैं सहमत नहीं था। मैं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ काम नहीं कर सकता।”
उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व और चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर उनकी असहमति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस्तीफे के बाद उन्होंने किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
‘जिस ट्रेन में कॉकरोच हो, उसमें सफर नहीं करूंगा’
आनंद दुबे ने अपने राजनीतिक विचारों और भविष्य की रणनीति को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि शरजील इमाम, उमर खालिद और ध्रुव राठी उनके आदर्श नहीं हैं। उन्होंने स्मित मच्छार, छत्रपति शिवाजी महाराज और वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इन्हें अपना आदर्श मानते हैं।
अपने अगले राजनीतिक कदम के बारे में आनंद दुबे ने कहा, “जिस ट्रेन में कॉकरोच हो, मैं उस ट्रेन में सफर नहीं करूंगा। जब उचित प्लेटफॉर्म मिलेगा, उस पार्टी को जॉइन करूंगा।”
उनके इस बयान के बाद अब यह देखना अहम होगा कि वह आगे किस राजनीतिक दल के साथ अपनी नई पारी शुरू करते हैं।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर शिवसेना UBT का प्रदर्शन
शिवसेना UBT INDIA गठबंधन का हिस्सा है। पार्टी कांग्रेस और गठबंधन के अन्य सहयोगियों के साथ SIR की प्रक्रिया तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध दर्ज करा रही है। इसी मुद्दे पर पार्टी की ओर से मुंबई में एक रैली का भी आयोजन किया गया।
शिवसेना UBT नेता और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने सोमवार को शाम 4 बजे से 7 बजे तक मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में लोगों से जुटने की अपील की।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा कि जो लोग देश, लोकतंत्र, संविधान और अपने वोट के अधिकार के लिए खड़े होना चाहते हैं, वे रैली में शामिल हों। उन्होंने हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने उनके साथ खड़े रहने का वादा किया था और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
आनंद दुबे के इस्तीफे के बाद आगे क्या?
आनंद दुबे के इस्तीफे के बाद शिवसेना UBT के सामने संगठनात्मक चुनौती के साथ-साथ चुनाव आयोग के मुद्दे पर पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चा भी तेज हो सकती है। फिलहाल आनंद दुबे ने अपने अगले राजनीतिक कदम का खुलासा नहीं किया है। वहीं, आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में पार्टी का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है।
