UP Rajya Sabha Election: BJP के 8 उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन, सभी 10 सीटों पर निर्विरोध चुनाव के आसार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो गई है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आठ उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। ऐसे में अब सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के आसार हैं।
भाजपा के आठों उम्मीदवारों ने निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन के दौरान पार्टी कार्यालय से लेकर विधानसभा परिसर तक कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
BJP के 8 उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन
भाजपा की ओर से राज्यसभा के लिए धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडे और राम प्रताप सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया गया है।
इनमें धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल और श्रुति गंगवार ओबीसी वर्ग से आते हैं। विद्यासागर सोनकर और प्रियंका रावत अनुसूचित जाति से हैं। वहीं राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडे ब्राह्मण समुदाय से तथा राम प्रताप सिंह चौहान क्षत्रिय समुदाय से हैं।
भाजपा के आठ उम्मीदवारों में दो महिलाओं को भी जगह दी गई है। पार्टी के उम्मीदवारों के चयन में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखे जाने की चर्चा है।
सभी उम्मीदवारों ने नामांकन के दो-दो सेट किए दाखिल
निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा ने बताया कि सभी आठ उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र के दो-दो सेट दाखिल किए हैं। प्रत्येक सेट में प्रस्तावक के तौर पर 10 विधायकों के हस्ताक्षर हैं।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। ऐसे में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या फिलहाल 10 है।
अखिलेश यादव ने तीसरे उम्मीदवार को लेकर साफ की स्थिति
राज्यसभा चुनाव में ऐसी अटकलें थीं कि समाजवादी पार्टी भाजपा के खिलाफ मुकाबला कराने के लिए अपना तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है। हालांकि, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन अटकलों पर विराम लगा दिया।
अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा, “अब हमारा ध्यान तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है।” उनके इस बयान को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव इस समय दिल्ली में हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।
ब्रजेश पाठक बोले- ‘सपा ने हार मान ली है’
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा के तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “बात साफ है। सपा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार मान ली है।”
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख मंगलवार है। यदि अंतिम समय में कोई बदलाव नहीं होता है और किसी अन्य उम्मीदवार का नामांकन नहीं होता, तो सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना है।
2027 के चुनाव से पहले जातीय समीकरण पर नजर
भाजपा के उम्मीदवारों के चयन में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी के आठ उम्मीदवारों में ओबीसी, अनुसूचित जाति, ब्राह्मण और क्षत्रिय समुदाय से जुड़े नेताओं को शामिल किया गया है।
नामांकन के बाद भाजपा नेता प्रकाश पाल ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन दर्शाता है कि भाजपा ही वास्तव में ‘पीडीए’ यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग का सम्मान करती है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए के मुद्दे को लेकर भी निशाना साधा।
राज्यसभा चुनाव के नतीजे उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
