भारत की सनातन परम्परा की ताकत है योग : प्रो. राजशरण शाही
नौवें अन्तर-राष्ट्रीय योग दिवस पर जनपद में विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही स्कूल कॉलेज और अन्य जगहों पर वृहद रूप से योग दिवस मनाया गया, जिसमें लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में बुधवार को योग सप्ताह का समापन समारोह मनाया गया। इस मौके पर विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं डॉ भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय,लखनऊ के प्रो. राजशरण शाही ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा की ताकत योग है। विदेशी आक्रांताओं ने मूल परंपराओं और विरासत पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली क्योंकि हमारी मूल चेतना में अध्यात्म और योग है।
उन्होंने कहा कि योग देश की आत्मा, अनुशासन और साधना है। भारत युवा आबादी का सदुपयोग कर विश्व गुरु बनने की कोशिश करता है, जबकि विश्व के अन्य देश महाशक्ति बनने में विश्वास करते हैं, क्योंकि महाशक्ति एक दूसरे को पराजित करती है न कि उत्थान।
योग शिविर की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि योग हमारे कार्य में कौशल उत्पन्न करता है। यह हमें साधना की ओर ले जाते हुए ईश्वर से जोड़ता है। साथ ही तन और मन को स्वस्थ रखता है, इसका संतुलन ही योग है।
उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति में आत्मविश्वास पैदा करता है। यह मानव के मार्ग को सुगम बनाता है। उन्होंने कहा कि नवम अमृत योग सप्ताह उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर आर्ट आफ लिविंग बेंगलूरू के योग प्रशिक्षक जयसिंह गहलोत ने मंगलाचरण वंदना से योग की शुरुआत की। उन्होंने तितली आसन, शवआसन, सूर्य नमस्कार, नाड़ी शोधन, ताड़ आसन समेत कई आसनों का अभ्यास कराया। इसके पूर्व सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर स्वागत प्रो. मानस पांडेय, कार्यक्रम संयोजक प्रो. अजय द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन और संचालन डॉ राजेश सिंह ने किया।




