राजस्थान में SC-ST अत्याचार मामलों में 28% कमी का दावा, CM भजनलाल शर्मा ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां
जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के खिलाफ होने वाले अत्याचार के मामलों में पिछले करीब ढाई वर्षों में लगभग 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सख्त कार्रवाई और समयबद्ध न्याय व्यवस्था के कारण यह सुधार देखने को मिला है।
जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों के साथ SC-ST अत्याचार से जुड़े मामलों की समीक्षा की।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई और समय पर न्याय के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार SC-ST समुदाय के लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील मामलों में तेजी से जांच पूरी की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीएम शर्मा ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में उठाए गए कदमों के कारण अत्याचार के मामलों में कमी आई है। साथ ही मामलों के निस्तारण की गति में भी सुधार हुआ है।
128 दिन से घटकर 53 दिन हुआ जांच का औसत समय
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि SC-ST मामलों के निस्तारण में लगने वाला औसत समय काफी कम हुआ है।
- पहले मामलों की जांच और निस्तारण में औसतन 128 दिन लगते थे, जो अब घटकर 53 दिन रह गए हैं।
- करीब 68 प्रतिशत मामलों का निपटारा 60 दिनों की निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और थाना व जिला स्तर पर लगातार निगरानी की जाएगी।
सभी जिलों में बनाए जाएंगे SC-ST प्रकोष्ठ
कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में SC-ST प्रकोष्ठ (Special Cells) स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, राज्य के 45 पुलिस जिलों में SC-ST प्रकोष्ठ शुरू किए जा चुके हैं, जबकि बाकी जिलों में भी जल्द इनकी स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पुलिस और अभियोजन विभाग को बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मामलों के निस्तारण में सुधार हुआ है और समयसीमा के भीतर मामलों को सुलझाने की प्रक्रिया में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।