करोल बाग से नेशनल अवॉर्ड तक: नीना गुप्ता की संघर्ष और शानदार कमबैक की कहानी
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Madhulika- July 3, 2026
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नई दिल्ली: दिल्ली के करोल बाग से निकलकर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री नीना गुप्ता की जिंदगी संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक कहानी है। एक समय ऐसा भी आया जब उनके पास काम की कमी हो गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी दूसरी पारी में इंडस्ट्री पर गहरी छाप छोड़ी।
शुरुआती जीवन और करियर की शुरुआत
नीना गुप्ता का बचपन दिल्ली के करोल बाग में बीता। उन्होंने थिएटर से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे फिल्मों और टेलीविजन में पहचान बनाई। निजी जीवन में वह उस समय सुर्खियों में आईं जब उनका संबंध वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स से जुड़ा और उनकी बेटी मसाबा गुप्ता का जन्म हुआ। समाज की आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने अकेले मां बनकर अपनी बेटी की परवरिश की और सिंगल मदर के रूप में मिसाल कायम की। बाद में उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक मेहरा से शादी की।
करियर में उतार-चढ़ाव और संघर्ष
करियर के एक दौर में नीना गुप्ता को फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया था। 58 साल की उम्र में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखकर अच्छे रोल की मांग की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और इंडस्ट्री का ध्यान उनकी ओर खींचा।
शानदार वापसी और दूसरी पारी
इसके बाद उन्हें फिल्म ‘बधाई हो’ में काम मिला, जिसने उनके करियर को नई ऊंचाई दी। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों और वेब सीरीज में काम किया, जिनमें ‘पंचायत’, ‘मसाबा मसाबा’, ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’, ‘ऊंचाई’ और ‘वध’ शामिल हैं।
नेशनल अवॉर्ड से मिली पहचान
साल 2022 की फिल्म ‘ऊंचाई’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इस सम्मान ने उनके शानदार कमबैक को और मजबूत किया।
एक प्रेरणादायक सफर
नीना गुप्ता आज इस बात की मिसाल हैं कि उम्र या हालात कभी भी प्रतिभा की राह नहीं रोक सकते। उनकी कहानी साबित करती है कि मेहनत और आत्मविश्वास से जीवन की दूसरी पारी भी पहली से ज्यादा सफल हो सकती है।