• July 2, 2026

तेलंगाना के खेत में मिला कथित 50 तोला सोना, मालिकाना हक को लेकर छिड़ा विवाद; पुलिस जांच में जुटी

तेलंगाना के वारंगल जिले में एक खेत से कथित तौर पर सोने के गहने मिलने के बाद मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि वारंगल के ऐतिहासिक खजानों को लेकर भी नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि अधिकारियों ने अभी तक बरामद सोने की मात्रा या उसकी कीमत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

खेत में घास हटाते समय मिला सोना

जानकारी के अनुसार, 24 जून को वारंगल जिले के चेन्नाराओपेट मंडल के कोपाकुलापाडु गांव स्थित करीब छह एकड़ के खेत में एक महिला मजदूर घास साफ कर रही थी। इसी दौरान उसकी नजर मिट्टी में चमकती धातु जैसी वस्तु पर पड़ी। खुदाई करने पर वहां से सोने के गहने मिलने का दावा किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, खेत से करीब 50 तोला सोना मिला, हालांकि प्रशासन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि मजदूरों ने मिले गहने खेत के मौजूदा मालिक को सौंप दिए।

पूर्व जमीन मालिक के बेटे ने जताया दावा

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब खेत के पूर्व मालिक के बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह जमीन पहले उसके परिवार की थी और जमीन बेचने से पहले यदि वहां कोई खजाना दबा था तो उस पर उसका भी अधिकार बनता है। उसने आरोप लगाया कि वर्तमान जमीन मालिक और मजदूरों ने सोना मिलने की जानकारी उससे छिपाई और आपस में उसका बंटवारा कर लिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस कर रही है जांच

पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि गहने वास्तव में कैसे मिले, उनकी वास्तविक मात्रा कितनी है और कानून के अनुसार उन पर किसका अधिकार बनता है।

ऐतिहासिक महत्व की भी होगी जांच

अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि बरामद गहने आधुनिक हैं या उनका कोई ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व है। यदि जांच में यह सामने आता है कि ये प्राचीन कलाकृतियां हैं, तो मामले को पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों को सौंपा जा सकता है। ऐसी स्थिति में मालिकाना हक का फैसला संबंधित कानूनी और पुरातात्विक प्रावधानों के आधार पर किया जाएगा।

वारंगल के इतिहास की फिर होने लगी चर्चा

घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग उस खेत को देखने पहुंच रहे हैं, जहां से सोना मिलने का दावा किया गया है। इस घटना ने वारंगल के गौरवशाली इतिहास को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। प्राचीन काल में ओरुगल्लू के नाम से प्रसिद्ध वारंगल, काकतीय राजवंश की राजधानी था। 12वीं से 14वीं शताब्दी के बीच इस राजवंश ने दक्षिण भारत के बड़े हिस्से पर शासन किया। काकतीय शासकों ने वारंगल किला, थाउज़ेंड पिलर टेम्पल (हजार स्तंभ मंदिर) और रामप्पा मंदिर जैसे भव्य स्मारकों का निर्माण कराया, जो आज भी उनकी समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। इतिहास में यह क्षेत्र सोना, हीरे और बहुमूल्य आभूषणों की समृद्धि के लिए भी जाना जाता रहा है। फिलहाल, मामले की सच्चाई पुलिस और संबंधित विभागों की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

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