यूपी में बड़े शहरों पर दबाव कम करने के लिए सैटेलाइट टाउन का प्लान, स्मार्ट सिटी मॉडल पर होगा विकास
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगरा, बरेली और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों के कोर एरिया पर बढ़ते शहरी दबाव और सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को देखते हुए सरकार ने सैटेलाइट टाउन विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन शहरों के पारंपरिक क्षेत्रों में अब और विस्तार की संभावनाएं बेहद सीमित हो चुकी हैं, जिसके चलते समानांतर शहरी ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
आगरा में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन, बरेली में तेजी से बढ़ते औद्योगिक क्लस्टर्स और प्रयागराज में महाकुंभ के बाद बढ़ी वैश्विक पहचान व आवासीय जरूरतों को देखते हुए इन शहरों के आसपास नए उप-नगर (सैटेलाइट टाउन) विकसित करना सबसे व्यावहारिक समाधान माना जा रहा है।
सरकार की इस योजना से मुख्य शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों पर आबादी और यातायात का दबाव कम होगा, साथ ही नागरिकों को बेहतर और सुनियोजित शहरी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। प्रस्तावित सैटेलाइट टाउन को स्मार्ट सिटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, ग्रीन बेल्ट, अंडरग्राउंड वायरिंग, बेहतर जलापूर्ति और आधुनिक वाणिज्यिक क्षेत्र जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
इस पहल से न केवल शहरी जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य इन नए टाउनशिप के माध्यम से उत्तर प्रदेश के शहरी विकास को एक संतुलित और आधुनिक दिशा देना है।