दिल्ली में 5 महीने में आग से 65 से ज्यादा मौतें, मालवीय नगर अग्निकांड ने फिर खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
राजधानी दिल्ली एक बार फिर भीषण अग्निकांड की चपेट में आ गई है। राहत और बचाव कार्य जारी है और दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर तैनात हैं। अब तक 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इस हादसे के साथ ही दिल्ली में इस वर्ष आग से होने वाली मौतों का आंकड़ा 65 के पार पहुंच गया है। इससे पहले भी राजधानी में कई बड़े अग्निकांड सामने आ चुके हैं, जिनमें दर्जनों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
पालम अग्निकांड में गई थीं 9 जानें
18 मार्च को पालम इलाके के रामफल चौक के पास स्थित एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य बाहर गए हुए थे, जबकि बाकी लोग आग की चपेट में आ गए। आग बुझाने के लिए 30 से अधिक दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था।
विवेक विहार हादसे ने भी हिलाया था दिल्ली को
3 मई को विवेक विहार के बी-ब्लॉक स्थित चार मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल में देर रात आग लग गई थी। इस हादसे में भी 9 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। दमकल विभाग की 14 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।
मई तक 45 मौतों का आंकड़ा पार कर चुका था दिल्ली
दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) के आंकड़ों के अनुसार, 27 मई तक आग लगने की विभिन्न घटनाओं में 45 लोगों की मौत हो चुकी थी। जनवरी से अप्रैल के बीच 32 लोगों ने जान गंवाई, जबकि मई के पहले 27 दिनों में 13 मौतें दर्ज की गई थीं। मार्च वर्ष का सबसे घातक महीना साबित हुआ, जब आग से जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई थी।
एसी ब्लास्ट से पूर्व आईएएस अधिकारी की भी हुई थी मौत
28 मई को हौज खास इलाके में एक घर में एसी ब्लास्ट के कारण आग लग गई थी। इस हादसे में 80 वर्षीय सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की मौत हो गई थी, जबकि उनका बेटा घायल हो गया था।
मालवीय नगर होटल अग्निकांड के बाद राजधानी में अग्नि सुरक्षा मानकों और भवनों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार बढ़ती आग की घटनाएं प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।