पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अंदरूनी असहमति के संकेत सामने आए हैं। पार्टी की एक आंतरिक बैठक के दौरान फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रम को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए, जिससे संगठनात्मक तनाव की स्थिति बनती दिख रही है।
सूत्रों के अनुसार, कोलकाता के कालीघाट स्थित बैठक में Mamata Banerjee और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee दोनों मौजूद थे। इस बैठक में फाल्टा सीट से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर विधायकों ने सवाल उठाए।
फाल्टा सीट पर नामांकन वापसी से बढ़ा विवाद
मामला उस समय शुरू हुआ जब फाल्टा विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से कुछ समय पहले अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया। बताया जाता है कि जहांगीर खान को अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। इसी घटना को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष सामने आया।
मीटिंग में नेताओं के सामने उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कोलकाता के दो और हावड़ा के एक विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए। विधायकों ने नेतृत्व से पूछा कि उम्मीदवार के अचानक हटने के बावजूद पार्टी की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
इसके साथ ही कुछ विधायकों ने यह भी सवाल किया कि जहांगीर खान जैसे उम्मीदवार, जिन्हें संगठनात्मक समर्थन प्राप्त बताया जाता है, उन्होंने चुनावी दौड़ से हटने का निर्णय क्यों लिया।
अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर परोक्ष सवाल
बैठक में कुछ टिप्पणियां परोक्ष रूप से अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व और संगठनात्मक नियंत्रण पर सवाल खड़े करती दिखीं। बताया जाता है कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसका प्रतिनिधित्व अभिषेक बनर्जी करते हैं।
15 विधायक बैठक से रहे अनुपस्थित
सूत्रों के मुताबिक, इस अहम बैठक में करीब 15 TMC विधायक अनुपस्थित रहे। इनमें से कुछ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, जबकि एक विधायक के दिल्ली में होने की जानकारी सामने आई है। बैठक में इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति ने भी पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं को और हवा दे दी है।
फिलहाल TMC की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
