दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार का पहला साल: महिला सशक्तिकरण पर फोकस, ‘महिला समृद्धि’ और ‘लखपति बिटिया’ योजनाओं की शुरुआत
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने आज (20 फरवरी 2026) अपना पहला साल पूरा कर लिया। ठीक एक साल पहले 20 फरवरी 2025 को रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और पूरी कैबिनेट ने भी शपथ ग्रहण की थी। एक साल पूरे होने पर सरकार अब जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश कर रही है, जिसमें महिला सशक्तिकरण को सबसे प्रमुख उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है।
पिछले एक साल में दिल्ली की सियासत और नीतियों में महिला सशक्तिकरण मुद्दा सबसे ज्यादा हावी रहा। महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक आत्मनिर्भरता, शिक्षा और स्वरोजगार को केंद्र में रखकर कई नई योजनाएं शुरू की गईं या पुरानी योजनाओं को अपग्रेड किया गया। सरकार का दावा है कि ‘आधी आबादी’ को सीधे लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रमुख योजनाएं और पहलें
- महिला समृद्धि योजना
- बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र का सबसे चर्चित वादा।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की सीधी वित्तीय सहायता।
- मार्च 2025 में कैबिनेट से मंजूरी मिली, 5,100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित।
- पात्रता मानदंड तय करने के लिए समिति गठित, लेकिन डेटाबेस तैयार करने में देरी के कारण योजना अभी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई।
- सरकार का कहना है कि अगले हफ्ते पोर्टल लॉन्च हो सकता है और पंजीकरण शुरू होगा।
- फोकस: पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करना।
- दिल्ली लखपति बिटिया योजना
- पुरानी ‘लाडली योजना’ को अपग्रेड कर नई रूपरेखा दी गई।
- लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जन्म से ग्रेजुएशन तक कुल 56,000 रुपये की सहायता किस्तों में।
- फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री ने घोषणा की, अप्रैल 2026 से लॉन्च होने की उम्मीद।
- पिछले साल 30,000 लाभार्थियों की पहचान कर 90 करोड़ रुपये जारी किए गए; 100 करोड़ रुपये और जल्द जारी होंगे।
- खास प्रावधान: 18 साल से पहले शादी पर लाभ नहीं मिलेगा, जिससे बाल विवाह पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
- पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड
- महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त और असीमित यात्रा की सुविधा को डिजिटल कार्ड के रूप में लागू किया गया।
- विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं की पेंशन योजना को रिवाइज किया गया; 19,000 से अधिक महिलाओं को लाभ बहाल किया गया।
- अन्य पहलें
- महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों पर फोकस।
- ‘महिला-नेतृत्व विकास’ पर विशेष जोर।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई मौकों पर कहा कि ‘विकसित दिल्ली’ बनाने में महिलाओं की भूमिका अहम है।
एक साल में रेखा गुप्ता सरकार ने महिलाओं के लिए नीतिगत घोषणाओं और योजनाओं की शुरुआत पर जोर दिया। हालांकि, ‘महिला समृद्धि योजना’ जैसे बड़े वादों में अभी भी क्रियान्वयन की चुनौतियां बाकी हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं से दिल्ली की आधी आबादी को कितना वास्तविक लाभ मिलता है, यह देखना दिलचस्प होगा।