असम कांग्रेस में हलचल: भूपेन कुमार बोरा ने इस्तीफा नहीं लिया, कहा- अब APCC नहीं, APCC (R) है; CM हिमंत बिस्व सरमा भी मिलना चाहते हैं
गुवाहाटी: असम कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक ड्रामा जारी है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भूपेन कुमार बोरा ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को ईमेल के जरिए इस्तीफा भेजा था। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उन्हें मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बोरा ने मंगलवार को मीडिया के सामने आकर स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी इस्तीफा वापस नहीं लिया है।
इस्तीफा वापस लेने का फैसला कल सुबह तकभूपेन बोरा ने कहा, “इस्तीफा भेज दिया गया है, लेकिन आलाकमान ने इसे अभी स्वीकार नहीं किया है। मैं परिवार और सहयोगियों से सलाह-मशविरा करने के बाद मंगलवार सुबह तक अंतिम फैसला लूंगा।”प्रद्युत बोरदोलोई और देबब्रत सैकिया को दिया अधिकारबोरा ने बताया कि सोमवार को नागांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और विधायक दल के नेता देबब्रत सैकिया उनके घर आए थे। उनके सामने उन्होंने अन्य नेताओं से कहा कि वे उनका इस्तीफा पत्र देखें। बोरा ने कहा, “मैंने प्रद्युत बोरदोलोई और देबब्रत सैकिया को यह अधिकार दिया है कि अगर वे मुझे यकीन दिला सकें कि मैं गलत हूं और भविष्य में ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी, तो मैं इस्तीफा वापस ले लूंगा।”उन्होंने आगे कहा, “आज सुबह प्रद्युत बोरदोलोई ने मुझे फोन किया। मैं पूरा दिन इंतजार करूंगा। अगर दोनों नेता मुझे विश्वास दिला पाए कि यह वाकई असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) है, तो मैं इस्तीफा वापस लेने को तैयार हूं।”
APCC अब APCC (R) बन गया: बोरा का तंजभूपेन बोरा ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “यह अब APCC नहीं रहा, यह APCC (R) बन गया है। मैं APCC (R) में काम करने के लिए तैयार नहीं हूं। मेरी समझ के अनुसार यह अब AGP, NCP, TMC जैसा हो गया है। आप खुद जाकर एनालाइज करें।”छह राजनीतिक दलों से प्रपोजल मिले, लेकिन BJP से कोई संपर्क नहींबोरा ने खुलासा किया कि इस्तीफे के बाद उन्हें छह अलग-अलग राजनीतिक दलों से शामिल होने के प्रपोजल मिले हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी तक किसी BJP नेता, सांसद या विधायक ने उनसे संपर्क नहीं किया है।
CM हिमंत बिस्व सरमा मिलना चाहते हैं: बोरासबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बोरा ने दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी उनसे मिलना चाहते हैं। बोरा ने कहा, “कल एक सीनियर जर्नलिस्ट मुझसे मिले और उन्होंने बताया कि CM हिमंत बिस्व सरमा मेरे घर आना चाहते हैं। मैंने कहा ठीक है, क्योंकि मैं अभी किसी राजनीतिक दल का सदस्य नहीं हूं। कोई भी आ सकता है।”रंगनाडी से चुनाव लड़ने का प्लानभूपेन बोरा ने यह भी बताया कि वे आगामी चुनाव लड़ने की योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं रंगनाडी से चुनाव लड़ूंगा, क्योंकि यह मेरी जन्मभूमि है। मैं आज रात आखिरी फैसला लूंगा।”असम कांग्रेस में यह घटनाक्रम पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बोरा के इस्तीफे और उनके बयानों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। सभी की निगाहें अब मंगलवार सुबह बोरा के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।